- लालू प्रसाद यादव ने दिवंगत पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के परिवार से नया किला स्थित आवास पर मुलाकात की.
- लालू यादव की यह मुलाकात वर्ष 2011 के विधानसभा उपचुनाव मामले में अदालत में पेशी के बाद हुई थी.
- मोहम्मद शहाबुद्दीन और लालू यादव के बीच लंबे समय तक मजबूत राजनीतिक संबंध और एमवाई समीकरण रहा है.
बिहार की राजनीति में पुराने रिश्तों की वापसी के संकेत एक बार फिर सीवान में देखने को मिले. राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को दिवंगत पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के नया किला स्थित आवास पहुंचे. यहां उन्होंने शहाबुद्दीन की पत्नी हेना शहाब और उनके बेटे व रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब से मुलाकात की. इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य और राजद के कई नेता भी मौजूद रहे. शहाबुद्दीन के निधन के बाद लालू यादव का पहली बार उनके आवास पहुंचना राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को एक पुराने मामले में अदालत में पेशी के सिलसिले में सीवान पहुंचे थे. वर्ष 2011 के विधानसभा उपचुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में न्यायालय की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्होंने शहाबुद्दीन परिवार से मिलने का कार्यक्रम बनाया. अदालत से निकलने के बाद उनका काफिला नया किला स्थित शहाबुद्दीन के आवास पहुंचा, जहां ओसामा शहाब ने उनका स्वागत किया. कुछ देर बाद हेना शहाब भी उनसे मिलीं. इस मुलाकात में केवल राजनीतिक हस्तियां ही नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य भी शामिल रहे. ओसामा शहाब के दोनों बच्चों के साथ लालू यादव का स्नेहपूर्ण व्यवहार भी देखने को मिला. उन्होंने बच्चों को दुलारते हुए आशीर्वाद दिया. परिवार के सदस्यों के साथ कुछ समय बिताने के बाद लालू यादव वहां से रवाना हो गए. इस दौरान बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी समेत राजद के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.
कभी बिहार की राजनीति में थी दोनों की मजबूत जोड़ी
मोहम्मद शहाबुद्दीन और लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक संबंध काफी पुराने और मजबूत रहे हैं. शहाबुद्दीन लंबे समय तक सीवान की राजनीति के प्रभावशाली नेता रहे और कई बार लोकसभा सदस्य चुने गए. RJD के गठन और उसके विस्तार के दौर में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. लालू यादव और शहाबुद्दीन की नजदीकियों की चर्चा बिहार की राजनीति में अक्सर होती रही है. दोनों के संबंधों को राजद के मुस्लिम-यादव (एमवाई) समीकरण से जोड़कर भी देखा जाता था. शहाबुद्दीन का राजनीतिक प्रभाव और लालू यादव के साथ उनकी निकटता उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चित बनाती रही. हालांकि, उनके राजनीतिक जीवन के साथ कई गंभीर आपराधिक मामले भी जुड़े रहे. चर्चित तेजाब हत्याकांड में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.
निधन के बाद रिश्तों में बढ़ी थी दूरी
मोहम्मद शहाबुद्दीन का वर्ष 2021 में कोविड-19 संक्रमण के दौरान दिल्ली में निधन हो गया था. उनके निधन के बाद शहाबुद्दीन परिवार और राजद नेतृत्व के बीच संबंधों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं. परिवार की ओर से अंतिम समय में पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने को लेकर नाराजगी भी जताई गई थी. इसके बाद दोनों परिवारों के बीच पहले जैसी नजदीकी देखने को नहीं मिली. हालांकि, समय के साथ राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं और दोनों परिवारों के बीच संपर्क फिर बढ़ने लगा. पिछले विधानसभा चुनाव से पहले हेना शहाब ने पटना स्थित राबड़ी देवी के आवास पर लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी. इसके बाद तेजस्वी यादव भी सीवान पहुंचे और हेना शहाब तथा ओसामा शहाब से मिले थे. इन मुलाकातों को दोनों परिवारों के बीच संबंध सामान्य होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया.

ओसामा की जीत के बाद बदली सियासी तस्वीर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में शहाबुद्दीन परिवार की राजनीतिक सक्रियता भी चर्चा का विषय रही. ओसामा शहाब ने राजद के टिकट पर रघुनाथपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे. इसके बाद सीवान की राजनीति में शहाबुद्दीन परिवार की सक्रिय भूमिका फिर से दिखाई देने लगी. अब लालू प्रसाद यादव का स्वयं ओसामा शहाब के आवास पहुंचना इस बदलते राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है.
हालांकि, इस मुलाकात के दौरान किसी राजनीतिक फैसले या भविष्य की रणनीति को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई. इसके बावजूद सीवान में लालू यादव और शहाबुद्दीन परिवार की इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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