- जिउतिया पर्व के दिन पश्चिमी चंपारण में दर्दनाक हादसा
- बेटों की लंबी उम्र के लिए रखा था व्रत, घर पहुंची मौत की खबर
- बहन के घर दही पहुंचाने गए थे, लौटते समय हुआ हादसा
जितिया या जिउतिया पर्व पर जहां माताएं अपने बेटों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं पश्चिमी चंपारण से एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया. दही पहुंचाकर लौट रहे दो दोस्तों की सड़क हादसे में मौत हो गई. सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि जिन माताओं ने अपने बेटों की सलामती के लिए व्रत रखा था, वे उनके घर लौटने का इंतजार कर रही थीं. लेकिन कुछ ही देर बाद बेटे के आने की जगह उसकी मौत की खबर घर पहुंच गई.
दही पहुंचाकर लौट रहे थे दोनों दोस्त
हादसा शुक्रवार रात करीब 8 बजे योगापट्टी थाना क्षेत्र के हरपुरवा बाजार स्थित हनुमान मंदिर के पास हुआ. NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार भवानीपुर वार्ड संख्या-5 निवासी 18 वर्षीय रोहित कुमार मुखिया और 18 वर्षीय परमा कुमार बाइक से जिउतिया पर्व का दही पहुंचाने गए थे. बताया गया कि दोनों युवक परमा कुमार की बहन के घर बगहा दुर्गानगर दही देने गए थे. वहां से लौटते समय यह हादसा हो गया.

दही लेने गए दोस्त हादसे का हुए शिकार
तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने मारी टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हरपुरवा हनुमान मंदिर के समीप सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे. गंभीर चोट लगने के कारण दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. हादसे के बाद आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई.
जिउतिया के दिन मां पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि दोनों परिवारों में जिउतिया पर्व मनाया जा रहा था. माताएं अपने बेटों की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर उनके घर लौटने का इंतजार कर रही थीं. लेकिन देर रात उनके सामने बेटों की मौत की खबर आ गई. सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.

अस्पताल के बाहर मौजूद परिजन
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही योगापट्टी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के वक्त ट्रैक्टर कौन चला रहा था और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई.
गांव में शोक का माहौल
दोनों युवकों की मौत की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों के अनुसार रोहित और परमा आपस में अच्छे दोस्त थे और जिउतिया पर्व की तैयारी में परिवारों की मदद के लिए दही पहुंचाने गए थे. किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा.
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