विज्ञापन

बिहार चुनाव से 2 दिन पहले बांटे गए 10-10 हजार रुपये, जवाबदेही तय हो.. प्रशांत किशोर का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला

प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले आठ से दस सालों में समाज के एक बड़े वर्ग का चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास कम हुआ है. चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर लोगों की चिंताएं किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हैं.

बिहार चुनाव से 2 दिन पहले बांटे गए 10-10 हजार रुपये, जवाबदेही तय हो.. प्रशांत किशोर का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला
सीतामढ़ी में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर
सीतामढ़ी (बिहार):

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया में व्यापक और पारदर्शी सुधारों की मांग की है. बिहार के सीतामढ़ी में उन्होंने बिहार चुनाव का मुद्दा उठाया. दिल्ली में सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट के समर्थन के साथ पीके ने आरोप लगाया कि बिहार में चुनाव से ठीक दो दिन पहले तक लोगों को 10-10 हजार रुपये दिए गए. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, “जब चुनाव से दो दिन पहले ही 10-10 हजार रुपये दे दिए जाएंगे, तो फिर क्यों करेंगे कोई काम?”

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि जनता के पैसे का इस्तेमाल कर मतदाताओं को प्रभावित किया गया. उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है. उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नहीं है, बल्कि पूरी चुनावी व्यवस्था से जुड़ा है. मतदाता सूची तैयार करने, फॉर्म-6 और फॉर्म-7 में बदलाव, SIR के तहत नाम हटाने, चुनाव की तारीखों, आचार संहिता और मतगणना की प्रक्रिया पर भी उन्होंने सवाल उठाए.

उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रक्रियाओं में चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों की कार्यशैली से ऐसा लगता है कि वे सत्ताधारी दल की मदद कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि बिहार में डेढ़ करोड़ से अधिक वोट खरीदे गए और इस पूरे मामले में चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए. लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए चुनाव आयोग में व्यापक और पारदर्शी सुधार जरूरी हैं. जन सुराज पार्टी भी इस मांग के समर्थन में है.

Latest and Breaking News on NDTV
पीके ने कहा कि पिछले आठ से दस सालों में समाज के एक बड़े वर्ग का चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास कम हुआ है. उन्होंने बेरोजगारी, शिक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर युवाओं में बढ़ते असंतोष का जिक्र करते हुए सरकार को चेतावनी दी कि इस आंदोलन को हल्के में नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर लोगों की चिंताएं किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हैं.

उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव के दौरान जन सुराज के कार्यकर्ताओं को पकड़कर विरोधी पक्ष को प्रभावित किया गया. ऐसे मामलों से चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है.

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए किशोर ने दावा किया कि सड़कों पर करीब 40 हजार पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षा बल तैनात हैं. उन्होंने इसे आंदोलन को लेकर सरकार की चिंता से जोड़ते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद युवाओं के असंतोष को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. प्रशांत किशोर ने कहा कि युवाओं का गुस्सा केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है. शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे भी उनके असंतोष की बड़ी वजह हैं. जंतर-मंतर पर पहले हुए प्रदर्शन के बाद भी युवाओं की नाराजगी खत्म नहीं हुई है.

(सीतामढ़ी से रंजीत कुमार की रिपोर्ट...)

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Jan Suraaj Party Chief Prashant Kishor, Prashant Kishor, Election Commission, Bihar Elections 2025, CJP Protest
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com