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10 मिनट की जुदाई… और थम गई दो ज़िंदगियां, पति की मौत का सदमा पत्नी न सह सकी, साथ उठी दोनों की अर्थी

गयाजी जिले के रामडीह गांव में पति की हार्ट अटैक से मौत के 10 मिनट बाद पत्नी भी सदमे में चल बसी. गांव में एक साथ दोनों की अर्थी उठी और एक ही चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. यह दिल छू लेने वाली घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. (एनडीटीवी के लिए रंजन सिन्हा की रिपोर्ट)

10 मिनट की जुदाई… और थम गई दो ज़िंदगियां, पति की मौत का सदमा पत्नी न सह सकी, साथ उठी दोनों की अर्थी
गयाजी:

बिहार के गयाजी जिले के परैया प्रखंड के रामडीह गांव में एक ऐसी दर्दनाक और भावुक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. फिल्मों में पति‑पत्नी का साथ जीने‑मरने का वादा भले काल्पनिक लगे, लेकिन इस गांव में एक दंपति ने अपने जीवन से इसे सच साबित कर दिया. पति की मौत के महज 10 मिनट बाद पत्नी ने भी सदमे में दम तोड़ दिया. अब दोनों की अर्थी एक साथ उठी और शुक्रवार रात को दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया.

सुबह-सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत, हार्ट अटैक से गई जान

गयाजी रामडीह गांव के 60 वर्षीय नंदकिशोर शर्मा की शुक्रवार की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई. फिर उन्हें तेज सीने में दर्द उठा और कुछ ही मिनटों में उनकी सांसें थम गईं. परिजनों के अनुसार दो दिन पहले उन्हें खांसी और सीने में दर्द की समस्या थी, जिसके बाद वे गया जाकर डॉ. आर.के. रश्मि से परामर्श ले आए थे. लेकिन शुक्रवार सुबह उन्हें तेज हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई.

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पति की विदाई देख न सकीं मानती देवी, 10 मिनट में साथ छोड़ा

पति के निधन की खबर जैसे ही उनकी पत्नी मानती देवी (58) तक पहुंची, वे गहरे सदमे में चली गईं. बेहोश होने पर जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. डॉक्टर्स के अनुसार उनकी मौत सदमे से हुई. पति की जुदाई का दर्द वह सह नहीं सकीं. दोनों की मौत के बीच का समय मात्र 10 मिनट रहा.

गांव में मातम, एक साथ उठी अर्थी, एक चिता पर अंतिम संस्कार

यह दंपति गांव में बेहद सम्मानित माना जाता था. शुक्रवार को जब एक ही घर से दो अर्थियां उठीं, तो पूरा रामडीह गांव स्तब्ध रह गया, इस दौरान हर किसी की आंखें नम थीं.

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परिवार और हालात

नंदकिशोर शर्मा और मानती देवी के एक पुत्र और चार पुत्रियां हैं. सभी बच्चे विवाहित हैं. बेटा कोलकाता में अपना काम करता है. एक सप्ताह पहले ही दंपति कोलकाता में बेटे‑बहू के साथ एक महीना बिताकर गांव लौटे थे. उन्हें देखकर कोई नहीं सोच सकता था कि कुछ ही दिनों में दोनों ऐसे इस दुनिया से विदा हो जाएंगे. घटना के बाद गांव में शोक की लहर है. ग्रामीणों ने बताया कि दोनों हमेशा साथ रहते थे, हर काम एक-दूसरे की मौजूदगी में करते थे. शायद यही वजह रही कि 10 मिनट की जुदाई भी पत्नी सहन न कर सकीं और पति के पीछे‑पीछे चल दीं.

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