- बिहार के रोहतासके गुप्ताधाम में वसंत पंचमी मेले के अंतिम दिन करीब 45 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे
- मेले में भारी भीड़ के बावजूद पेयजल, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं की कमी थी.
- आधे से अधिक चापाकल खराब रहने से श्रद्धालुओं को नदी-नालों का पानी पीना पड़ा
बिहार के रोहतास जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल गुप्ताधाम में वसंत पंचमी को पांच दिवसीय मेले का अंतिम दिन था. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु महादेव के दर्शन के लिए पहुंचे. कैमूर पहाड़ियों की दुर्गम वादियों में स्थित इस प्राचीन शिवधाम में मेले के अंतिम दिन करीब 45 हजार श्रद्धालुओं ने कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर गुफा में स्थापित पवित्र शिवलिंग पर जलाभिषेक करने पहुंचे थे. लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी भीड़ होने के बाद भी प्रशासन ने सही से इंतजाम ही नहीं किए थे.
श्रद्धालुओं की भारी भीड़, लेकिन व्यवस्था नहीं
सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ तीर्थस्थल पर पहुंचने लगी. दिन चढ़ने के साथ-साथ भीड़ लगातार बढ़ती गई, जिससे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. लेकिन इतनी भारी भीड़ के बीच मूलभूत सुविधाओं की कमी साफ तौर पर उजागर हो गई. सबसे गंभीर समस्या पेयजल को लेकर सामने आई. सरकार की ओर से लगाए गए आधे से अधिक चापाकल खराब पड़े रहे, जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को मजबूरी में नदी-नालों का पानी पीना पड़ा. इससे श्रद्धालुओं में नाराजगी भी देखने को मिली.

घायल श्रद्धालुओं के इलाज की व्यवस्था तक नहीं
श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी प्रकार की स्थायी चिकित्सा टीम की तैनाती नहीं की गई थी. सर्दी, बुखार, थकान और चोट से पीड़ित श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल सका. दुर्गम रास्तों पर पैदल चलने के दौरान कई श्रद्धालुओं के पैर जख्मी हो गए, लेकिन इलाज की कोई व्यवस्था नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं गुप्ताधाम विकास कमेटी का कहना है कि श्रद्धालुओं को लाइन में व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने की कोशिश की गई.
गुप्ताधाम विकास कमेटी के सचिव तेजपति सिंह खरवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए गुफा के अंदर बिजली और ऑक्सीजन गैस की व्यवस्था की गईथी. साथ ही मेला परिसर में खोया-पाया केंद्र भी संचालित किया गया, जिससे कई बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया जा सका. हालांकि श्रद्धालुओं का कहना है कि गुफा के भीतर पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने के कारण घुटन जैसी स्थिति महसूस हो रही थी.

श्रद्धालुओं को पीने का पानी भी नहीं मिला
करीब तीन किलोमीटर में फैले मेला क्षेत्र में बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. गुफा तक पहुंचने वाले मार्गों की जर्जर हालत के कारण लोग उबड़-खाबड़ पत्थरों पर चलने को मजबूर रहे, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी हुई. धाम के महंत समहुतिया बाबा ने आरोप लगाया कि गुप्ताधाम को सरकार द्वारा लगातार उपेक्षित किया जा रहा है. इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्था नहीं करना आस्था के साथ खिलवाड़ है.मेले में बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु पहुंचे थे.
वहीं दुर्गावती जलाशय मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही, जिससे घंटों जाम की स्थिति बनी रही. मेला अध्यक्ष गोपाल सिंह खरवार ने बताया कि गुप्ताधाम वन सेंचुरी क्षेत्र में होने के कारण सरकार की ओर से यहां ठोस सुविधाएं विकसित नहीं की जातीं, जबकि यह स्थल अंतरराज्यीय आस्था का बड़ा केंद्र है. श्रद्धालुओं ने मांग की है कि भविष्य में गुप्ताधाम मेले के दौरान पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
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