खगड़िया जिले के परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई. शनिवार देर रात जीएन बांध पर सड़क हादसे में घायल दो लोगों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां स्ट्रेचर नहीं मिलने पर 12 साल के घायल बच्चे को गोद में उठाकर वॉर्ड तक ले जाना पड़ा. डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया तो मरीज को एंबुलेंस तक नहीं मिली. इसके बाद निजी गाड़ी से ले जाना पड़ा.
सड़क हादसे में दो घायल
उदयपुर गांव निवासी प्रभु कुमार और हिमांशु कुमार सलारपुर से भोज खाकर बाइक से लौट रहे थे. जीएन बांध पर अचानक घोड़ा सामने आने से बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई. हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने दोनों को तुरंत परबत्ता सीएचसी पहुंचाया.
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प्राथमिक उपचार के बाद रेफर
मौके पर मौजूद डॉ. शशि कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की गंभीर स्थिति देखते हुए खगड़िया सदर अस्पताल रेफर कर दिया. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और वॉर्ड बॉय तक नहीं थे. गंभीर रूप से घायल बच्चे को परिजन गोद में लेकर इलाज के लिए दौड़ते रहे. अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बना रहा. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आपातकालीन सुविधाएं दुरुस्त करने की मांग की है.
पीएचसी प्रभारी डॉ कशिश कुमारी ने बताया कि एंबुलेंस के लिए कॉल करना पड़ता है और स्ट्रेचर भी रहता है. जांच कर रहे हैं, क्यों परिजन गोद में मरीज को लेकर जा रहे थे. जांच के बाद आगे कुछ बता सकते हैं.
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