बिहार में बाढ़ से काफी नुकसान हुआ
पटना:
बिहार में इस साल बाढ़ से हुई तबाही के आकलन के लिए केंद्रीय टीम दौरे पर है. तीन अलग-अलग केंद्रीय टीम आज अररिया, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर का दौरा कर रही है. केंद्रीय टीम ने 5 अक्टूबर को दरभंगा, मोतिहारी और पूर्णिया का दौरा किया था. तीनों टीम आज शाम तक पटना वापस पहुंचेगी और स्टेट गेस्ट में मीडिया से मुखातिब होने के बाद देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी.
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केंद्रीय टीम पीएमओ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. उम्मीद यह भी की जा रही है कि केंद्रीय टीम के आकलन के आधार पर पीएम नरेंद्र मोदी 14 अक्टूबर को प्रस्तावित पटना दौरे में बाढ़ राहत पैकेज का ऐलान कर सकते हैं.
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बिहार में विनाशकारी बाढ़ के नुकसान का मुआयना करने गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव मुकेश मित्तल के नेतृत्व में आई टीम पिछले दो दिनों से बिहार के विभिन्न जिलों में है. केंद्र की 7 सदस्यी टीम बिहार सरकार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की मौजूदगी में राज्य सरकार के पांच विभागों के प्रधान सचिवों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. इस उपस्थिति में अधिकारियों ने केंद्रीय टीम को बताया कि कैसे नेपाल में हुई बारिश से बिहार के 19 जिलों में भयानक तबाही आ गई. इससे पहले राज्य सरकार की ओर से केंद्र को कुल 7636 करोड़ रुपये के नुकसान का ज्ञापन सौंपा गया था.
इस केंद्रीय टीम को तीन दलों में बांटा गया है, जो बिहार के विभिन्न जिलों में बाढ़ से क्षति का आकलन करेगी. केंद्रीय टीम के दलों ने मौके पर रवाना होने से पहले आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संसाधन, पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों की प्रजेंटेशन को भी देखा. इसमें बाढ़ प्रभावित इलाकों को वीडियो, तस्वीरें एवं तथ्यों के आधार पर बाढ़ के नुकसान के बारे में बताया गया था. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने वाली टीम के साथ राज्य की ओर से एक एक नोडल पदाधिकारियों को भी नियुक्त किया गया है.
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केंद्रीय टीम पीएमओ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. उम्मीद यह भी की जा रही है कि केंद्रीय टीम के आकलन के आधार पर पीएम नरेंद्र मोदी 14 अक्टूबर को प्रस्तावित पटना दौरे में बाढ़ राहत पैकेज का ऐलान कर सकते हैं.
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इस केंद्रीय टीम को तीन दलों में बांटा गया है, जो बिहार के विभिन्न जिलों में बाढ़ से क्षति का आकलन करेगी. केंद्रीय टीम के दलों ने मौके पर रवाना होने से पहले आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संसाधन, पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों की प्रजेंटेशन को भी देखा. इसमें बाढ़ प्रभावित इलाकों को वीडियो, तस्वीरें एवं तथ्यों के आधार पर बाढ़ के नुकसान के बारे में बताया गया था. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने वाली टीम के साथ राज्य की ओर से एक एक नोडल पदाधिकारियों को भी नियुक्त किया गया है.
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