- पंकज त्रिपाठी अपने पैतृक गांव बेलसंड गोपालगंज के बरौली में अपनी दिवंगत मां की बरसी पर गए थे
- मां की बरसी और पूजा-पाठ में शामिल होने के बाद वे गांव की गलियों और खेतों में घूमते नजर आए
- बसंत ऋतु के मौसम में खेतों में आनंद लेते हुए पंकज त्रिपाठी ग्रामीणों के साथ फगुआ गाते और थिरकते दिखे
बॉलीवुड एक्टर पंकज त्रिपाठी इन दिनों अपना वक्त बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर अपने गांव में बिता रहे हैं. पंकज त्रिपाठी का पैतृक गांव बेलसंड गोपालगंज के बरौली में है. पंकज त्रिपाठी यहां अपनी दिवंगत मां की बरसी पर आए थे. मां की बरसी और बाकी पूजा पाठ में शामिल होने के बाद पंकज त्रिपाठी अपने गांव की गलियों और खेतों में घूमते नजर आए.
इस दौरान वो बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर बसंत ऋतु के इस मौसम में खेतों में आनंद लेते हुए भी नजर आए। इस दौरान देर रात वो ग्रामीणों के साथ फगुआ गाते नजर आए. देखा जा सकता है कि पंकज त्रिपाठी कैसे यहां चैता गाना और फगुआ की धुन पर मजे ले रहे हैं. थिरक रहे है.
बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर गांव में वक्त बिता रहे पंकज त्रिपाठी, फगुआ गाते वीडियो भी आया सामने
— NDTV India (@ndtvindia) January 30, 2026
पूरी खबर : https://t.co/Z29mpNIOmf#PankajTripathi pic.twitter.com/SK4SqE1ZR7
पंकज त्रिपाठी गोपालगंज के बेलसंड गांव के हैं. उन्हें जब भी मौका मिलता है तो फुरसत निकाल कर अपने गांव आते हैं और लोगों से मिलते जुलते हैं. पंकज त्रिपाठी का कहना है कि वो बसंत ऋतु का आनंद ले रहे हैं. उनका कहना है कि गुलाबी ठंड है, सरसों के फूल खिले हैं और सुंदर माहौल है. उनका ये भी कहना है कि इस जगह से उनके माता-पिता की यादें जुड़ी हुई हैं.

पंकज त्रिपाठी कई बार कह चुके हैं कि वो जमीन से निकले हैं और जमीन उनके अंदर से नहीं निकली है. इसलिए पंकज त्रिपाठी अक्सर अपने गांव आते-जाते रहते हैं. मां की बरसी से जुड़े पूजा-पाठ में शामिल होने के बाद पंकज त्रिपाठी गुरुवार को ही पटना से मुंबई के लिए निकल गए हैं.
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