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बिहार: जिसकी हत्या के आरोप में जेल की हवा खा चुके थे तीन आरोपी, 4 साल बाद वो जिंदा निकला!

बिहार के रोसड़ा में एक 'मृत' शख्स चार साल बाद जिंदा निकल गया. खास बात ये थी कि इस गायब शख्स के हत्या के आरोप में तीन आरोपी जेल भी जा चुके थे. समस्तीपुर से अविनाश कुमार की रिपोर्ट.

बिहार: जिसकी हत्या के आरोप में जेल की हवा खा चुके थे तीन आरोपी, 4 साल बाद वो जिंदा निकला!
पुलिस के पास 'गायब' शख्स रविशंकर
रोसड़ा:

बिहार के रोसड़ा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुन आप भी चौंक जाएंगे. दरअसल, जिस युवक के अपहरण के बाद परिजनों ने नामजद आरोपितों पर उसकी हत्या कर शव गायब करने की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी, वही युवक करीब चार साल बाद सकुशल लौट घर लौट आया. इसके बाद रविवार शाम अपहृत रविशंकर को लेकर काफी संख्या में लोग रोसड़ा थाना पहुंचे. युवक के अचानक थाना पहुंचने की सूचना मिलते ही कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. युवक के सकुशल मिलने के बाद अब इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.

2022 में दर्ज हुआ था मामला 

मामला रोसड़ा थाना कांड संख्या 259/22 से जुड़ा है. लालापुर निवासी मदन यादव ने 1 जुलाई 2022 को अपने 20 वर्षीय पुत्र रविशंकर के अपहरण और हत्या की आशंका को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 363, 364 और 348 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू किया था. मामले में सहदेव पंडित, मुकेश पंडित, शशिभूषण कुमार उर्फ छोटू महतो और दिनेश पंडित को आरोपी बनाया गया था. पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों को जेल भी भेजा गया था. 

प्राथमिकी में युवक के पिता ने आरोप लगाया था कि घटना के दिन सहदेव पंडित का ट्रैक्टर पलट गया था.  ट्रैक्टर का चालक छोटू महतो बताया गया था. पिता को आशंका थी कि ट्रैक्टर के नीचे दबकर रविशंकर की मौत हो गई और इसके बाद शव को गायब कर दिया गया.  प्राथमिकी में इस घटना को लेकर नामजद आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. बताया गया कि सहदेव पंडित का जेसीबी और ट्रैक्टर चलता है. घटना के बाद जब रविशंकर के बारे में सहदेव पंडित और छोटू महतो से पूछताछ की गई तो वह यह कहता था कि रविशंकर उसी दिन घर लौट गया था. इसके बाद युवक का कोई सुराग नहीं मिलने पर रविशंकर के परिजनों ने उसके अपहरण का केस दर्ज करवा दिया. 

मूक-बधिर है रविशंकर, चार साल तक नहीं मिला सुराग 

रविशंकर दिव्यांग है और वह बोलने में असमर्थ है. उसके लापता होने के बाद पुलिस ने काफी समय तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका. दूसरी ओर, मामला दर्ज होने के बाद नामजद आरोपियों को भी जेल जाना पड़ा. लंबे समय तक युवक के नहीं मिलने के कारण मामला पुलिस के लिए भी अनसुलझा बना रहा. करीब चार साल बाद रविवार को अचानक आरोपी पक्ष के लोग ही रविशंकर को लेकर रोसड़ा थाना पहुंच गए. बताया गया कि आरोपी पक्ष के लोग पिछले करीब चार वर्षों से उसकी तलाश कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि रविशंकर नोएडा में किसी दुकान में रह रहा है. सूचना मिलने के बाद वे लोग नोएडा पहुंचे और वहां से रविशंकर को लेकर रोसड़ा आए.

पुलिस के सामने कई सवाल 

रविशंकर के सकुशल मिलने के बाद पुलिस के सामने अब कई सवाल खड़े हो गए हैं. चार साल तक वह कहां रहा, नोएडा कैसे पहुंचा, वहां किसके साथ रह रहा था और इतने लंबे समय तक उसके परिजनों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल सकी.

(समस्तीपुर से अविनाश कुमार की रिपोर्ट) 

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