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'कहां गए जनता के ₹92,000 करोड़?' कैग की रिपोर्ट पर बिहार विधानसभा में भारी बवाल होना तय!

दरअसल, विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए जो बजट दिया जाता है, उसकी पारदर्शिता के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होता है. बिहार कोषागार संहिता 2011 के नियम 271 के अनुसार बजट अलॉट करने की तारीख से 18 महीने के अंदर उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है. लेकिन विभिन्न विभागों के 62 हजार 632 उपयोगिता प्रमाण पत्र अभी जमा नहीं हुए हैं. इसमें 2019-20 से पहले की 21 हजार 515 करोड़ रुपए की राशि भी शामिल है.

'कहां गए जनता के ₹92,000 करोड़?' कैग की रिपोर्ट पर बिहार विधानसभा में भारी बवाल होना तय!
बिहार सरकार पर 70 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया था.
  • बिहार सरकार ने विभिन्न विभागों के 92 हजार 132 करोड़ रुपए के उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किए हैं.
  • कैग की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019-20 से पहले की 21 हजार 515 करोड़ रुपए की राशि भी प्रमाणित नहीं हुई है.
  • पंचायती राज विभाग ने 32 हजार 383 करोड़ रुपए के उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा न कर सबसे अधिक रकम का हिसाब नहीं दिया.

बिहार सरकार 92 हजार करोड़ के खर्च का हिसाब नहीं दे पाई है. फरवरी में जारी CAG की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था. कैग की रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक 92 हजार 132 करोड़ रुपए का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं हुआ है. पिछले साल तक यह राशि 70 हजार 877 करोड़ रुपए थी. ऐसे में बिहार विधानसभा के आखिरी दिन इस पर भारी बवाल होना तय है. पिछले साल विपक्ष ने कैग की रिपोर्ट के बाद बिहार सरकार पर 70 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया था. तब भी यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना था. हालांकि, मानसून सत्र का एक ही दिन बाकी है, इसलिए यहां यह मुद्दा पिछले बार की तरह नहीं उठ पाएगा.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए जो बजट दिया जाता है, उसकी पारदर्शिता के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होता है. बिहार कोषागार संहिता 2011 के नियम 271 के अनुसार बजट अलॉट करने की तारीख से 18 महीने के अंदर उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है. लेकिन विभिन्न विभागों के 62 हजार 632 उपयोगिता प्रमाण पत्र अभी जमा नहीं हुए हैं. इसमें 2019-20 से पहले की 21 हजार 515 करोड़ रुपए की राशि भी शामिल है.

पंचायती राज विभाग में 32 हजार करोड़ का हिसाब नहीं

जिन विभागों ने उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किया उनमें पंचायती राज विभाग सबसे ऊपर है. पंचायती राज विभाग ने 32 हजार 383 करोड रुपए के उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किए. शिक्षा विभाग ने 19 हजार 97 करोड़, नगर विकास और आवास विभाग ने 17 हजार 876 करोड़ रुपए, ग्रामीण विकास विभाग ने 6 हजार 418 करोड़ रुपए और स्वास्थ्य विभाग ने 3036 करोड़ रुपए का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है. 

वित्त विभाग ने CAG को नहीं दिया जवाब

कैग ने कहा है कि उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं होने से निधि के दुरुपयोग का जोखिम बढ़ता है. इसलिए सरकार को इसपर सूक्ष्म रूप से निगरानी रखनी चाहिए. रिपोर्ट के मुताबिक कैग ने वित्त विभाग के सामने यह सवाल उठाया था. लेकिन जनवरी 2026 तक वित्त विभाग ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया.

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