बिहार के चम्पारण में नेपाल सीमा से सटे दुर्गम दोन क्षेत्र की तस्वीर अब बदलने की तैयारी है. जहां कभी सड़क और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं बड़ी चुनौती थीं, वहां अब विकास का मेगा प्लान तैयार है. बिहार सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 24 योजनाओं को मंजूरी दी है. सड़क-पुल निर्माण के साथ पांच मोबाइल टावर, रामनगर में बाइपास और बेटियों की पढ़ाई के लिए तीन आधुनिक छात्रावास भी इस योजना का हिस्सा हैं. रामनगर पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम और वाल्मीकिनगर के जेडीयू सांसद सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से योजनाओं का शिलान्यास किया. सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की राह खुलेगी.
दोन के गांवों तक पहुंचेगी विकास की सड़क
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दोन क्षेत्र के गांवों में सालों भर आवागमन आज भी बड़ी चुनौती बना हुआ है. बरसात के दिनों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं. इसी समस्या को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने 24 योजनाओं को मंजूरी दी है. इनके तहत सड़क, पुल और पुलियों का निर्माण कराया जाएगा. मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा कि दोन के लोगों को सालों भर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है.
नेपाल सीमा से सटे गांवों में लगेंगे 5 मोबाइल टावर
दोन के दुर्गम गांवों में विकास की राह अब डिजिटल कनेक्टिविटी से भी होकर गुजरेगी. नेपाल के तराई से सटे चम्पारण के गांवों में पांच बीएसएनएल मोबाइल टावर लगाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इससे नेटवर्क की समस्या दूर होने और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सहित जरूरी सेवाओं से जुड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है. संचार सुविधा से वंचित गांवों के लिए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
बाइपास निर्माण की तैयारी तेज
रामनगर शहर में जाम की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी राहत की उम्मीद जगी है. शहर में यातायात का दबाव कम करने के लिए बाइपास निर्माण का प्रयास जारी है. बाइपास बनने से भारी वाहनों और दूसरे यातायात का दबाव शहर के भीतर कम होने की उम्मीद है. इससे लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है.
बेटियों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
रामनगर विधानसभा क्षेत्र में बालिकाओं की शिक्षा और आवासीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. परसौनी, मटियरिया और जमुनिया में तीन छात्रावासों के निर्माण को मंजूरी मिली है. प्रत्येक छात्रावास में 100 छात्राओं के रहने की क्षमता होगी. यानी कुल 300 छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है. इससे दूरदराज के गांवों की बेटियों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है.
बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा कि दोन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से स्वीकृत योजनाएं क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
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