बिहार के बगहा में दहेज में मोटरसाइकिल और भैंस नहीं मिलने पर पत्नी ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी. पति सुभाष यादव ने पत्नी रीना देवी की हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को जलाया और फिर उसके तीन टुकड़े कर अलग-अलग बोरियों में फेंक दिए थे. छह साल पुराने इस सनसनीखेज हत्याकांड में अब अदालत ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है. वहीं, मां की हत्या के बाद पिता के भी जेल जाने से बेसहारा हुए दोनों नाबालिग बच्चों के लिए कोर्ट ने बिहार सरकार को हर महीने 4-4 हजार रुपये देने का आदेश दिया है.
2020 में दर्ज हुआ था केस
मामला पश्चिमी चंपारण जिले के धनहा थाना क्षेत्र स्थित बैरा बाजार टोला मुसहरी का है, जहां सुभाष यादव पर अपनी पत्नी रीना देवी की हत्या का आरोप लगा. मृतका की मां मंजू देवी की शिकायत पर 30 जुलाई 2020 को धनहा थाने में कांड संख्या 182/2020 दर्ज किया गया. पुलिस ने मामले में हत्या, साक्ष्य मिटाने, मारपीट समेत अन्य आरोपों में IPC की धारा 302, 201, 341, 323, 324, 307 और 34 के तहत कार्रवाई की.
दहेज में मोटरसाइकिल-भैंस को लेकर था विवाद
अपर लोक अभियोजक (एपीपी) मन्नू राव के मुताबिक, दहेज में मोटरसाइकिल और भैंस नहीं मिलने को लेकर सुभाष यादव और उसकी पत्नी रीना देवी के बीच विवाद था, अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाहों के बयान और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य पेश किए. एपीपी के अनुसार, सभी गवाहों ने अभियोजन के पक्ष में बयान दिया. इन बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुभाष यादव को पत्नी की हत्या का दोषी माना.
उम्रकैद के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना
बगहा के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-4 मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने मंगलवार को सुभाष यादव को हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. वहीं, धारा 201 के तहत सबूत मिटाने के मामले में सात साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
दो नाबालिग बच्चों के लिए कोर्ट का बड़ा आदेश
अदालत ने सजा सुनाते समय दंपती के दोनों नाबालिग बच्चों के भविष्य को भी ध्यान में रखा. मां की हत्या और पिता को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद बच्चों की परवरिश का संकट खड़ा हो गया है.कोर्ट ने बिहार सरकार को परवरिश योजना के तहत दोनों बच्चों को हर महीने 4-4 हजार रुपये देने का आदेश दिया है. साथ ही, दोनों बच्चों को डीएलसी पुनर्वास योजना का लाभ देने का भी निर्देश दिया है.
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