- फ्लाईदुबई के को-पायलट हमम अल-हम्ममी ने गाजा के लिए इजरायल और अमेरिका से बदला लेने की योजना बनाई थी.
- अल-हम्ममी ने विमान में आपातकालीन कुल्हाड़ी का इस्तेमाल कर पायलट स्मित मच्छार पर हमला किया था.
- पायलट स्मित मच्छार ने घायल होने के बावजूद हम्ममी को रोकने की बहादुरी दिखाई और कॉकपिट का दरवाजा खोला.
फ्लाईदुबई को-पायलट हमम अल-हम्ममी ने पूछताछ में बताया है कि वो गाजा का बदला इजरायल और अमेरिका से लेना चाहता था. मगर सवाल ये उठता है कि अगर उसे बदला अमेरिका और इजरायल से लेना था तो वो पायलट स्मित मच्छार को क्या मारना चाहता था? वो भी ये जानते हुए कि स्मित मच्छार एक भारतीय हैं.
मच्छार को क्यों मारना चाहता था?
अब तक की पूछताछ से जो जानकारी सामने निकल कर आई है उसके मुताबिक हम्ममी अपनी योजना की प्लानिंग काफी दिनों से कर रहा था. UAE की जांच की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि ओमान के रहने वाले को-पायलट ने बुधवार की फ्लाइट को तेल अवीव के पास बेन गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश करने की योजना बनाई थी. इसके लिए वो कई बार इस एयरपोर्ट की रेकी कर चुका था. एक-एक प्वाइंट नोट करने के बाद उसने खतरनाक प्लान बनाया. उसे पता था कि प्लेन में वो कोई हथियार लेकर नहीं जा सकता. मगर प्लेन का कंट्रोल अपने आप में लेने के लिए उसे हथियार की जरूरत थी. तो हथियार की कमी को पूरा करने के लिए प्लेन में आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल के लिए रखी गई कुल्हाड़ी को इस्तेमाल करने का प्लान बनाया. उसने सोचा था कि अगर वो पायलट को मार देगा तो किसी को भनक ही नहीं मिलेगी कि कॉकपिट में क्या हुआ. वो सीटीसी को सबकुछ सामान्य होने की सूचना देता रहा और प्लेन को एयरपोर्ट के पास पहुंचने पर मनमाफिक तरीके से क्रैश कर देगा.
नमाज पढ़ने के बहाने निकाली कुल्हाड़ी
इटली के अखबार 'कोरिएरे डेला सेरा' ने इस पूरी घटना की सिलसिलेवार रिपोर्ट लिखी है. जो हम्ममी के कुबूलनामे और घटना के दिन उसके किए काम दोनों से मैच करती है. इजरायली खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-हम्ममी का इरादा एक ऊंची इमारत से विमान टकराने का था. फ्लाईदुबई की फ्लाइट में अल-हम्ममी ने सुबह 9:15 बजे कैप्टन स्मित मच्छार ने नमाज करने की इजाजत मांगी और फिर विमान में आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल होने वाली कुल्हाड़ी निकालकर अचानक पायलट स्मित मच्छार पर हमला कर दिया. मगर, स्मित मच्छार उसकी सोच और प्लान से ज्यादा बहादुर निकले. घायल होने के बाद भी उन्होंने हम्ममी को रोकने की कोशिश की, दोनों में हाथापाई शुरू हो गई.
पांच मिनट तक हुई हाथापाई
पांच मिनट तक दोनों के बीच हाथापाई चलती रही, इसी बीच करीब 9:20 बजे, ताली मेनेस अपनी 5 साल की बेटी के साथ बाथरूम गईं, जहां उन्हें कॉकपिट के अंदर बहस की आवाज सुनाई दी. उन्होंने बिजनेस क्लास में बैठे एक ऑफ-ड्यूटी पायलट को इसकी सूचना दी. रिपोर्ट के अनुसार, तब तक मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल लिया. ऑफ-ड्यूटी पायलट ने बाहर का हैंडल घुमाया और दरवाजा खुलते ही देखा कि अल-हम्ममी पायलट स्मित मच्छार को पीट रहा था. ये देख मेनेस चिल्लाईं, "वह पायलट की जान ले रहा है." रिपोर्ट में कहा गया है कि जब अल-हम्ममी को एहसास हुआ कि उसका असली प्लान अब काम नहीं करेगा, तो सुबह 9:21 बजे उसने विमान को नीचे की ओर मोड़ दिया ताकि उसे जल्द से जल्द क्रैश कराया जा सके. साथ ही, उसने कंट्रोल सिस्टम को नष्ट करने की कोशिश की ताकि कोई और विमान को संभाल न सके.
फिर कैसे संभला मामला
मगर तब तक इजरायल के कई यात्री कॉकपिट में घुस गए, उन्होंने आतंकवादी को काबू में किया और प्लेन को संभाला. रिपोर्ट के मुताबिक, शुरू में प्लेन उड़ाने के लिए आगे आए ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने सुबह 9:31 बजे 7700 कोड का इस्तेमाल किया, जो एक आम इमरजेंसी अलर्ट है. 'कोरिएरे डेला सेरा' की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 9:35 बजे तक अल-हम्ममी को काबू में कर लिया गया था और सुबह 9:38 बजे तक नए पायलटों ने कोड बदलकर ज्यादा सटीक 7500 कोड कर दिया, जो कॉकपिट में अनधिकृत घुसपैठ से जुड़ा है. सऊदी एयर कंट्रोल ने पायलटों को तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करने का निर्देश दिया और प्लेन सुबह 10:57 बजे उतरा. प्लेन में लगभग 180 यात्री (जिनमें से लगभग सभी इजरायली थे) और क्रू मेंबर सवार थे.
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