बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. साठी थाना क्षेत्र के पोईया खाप टोला में महज तीन महीने का एक मासूम अपने माता-पिता के साथ सो रहा था, लेकिन सुबह जब परिवार की नींद खुली तो बच्चा घर से गायब मिला. कुछ घंटों बाद गांव के पास एक गड्ढे से उसका शव बरामद हुआ. इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है.
मृत बच्चे की पहचान परोरा पंचायत के वार्ड नंबर एक निवासी रविंद्र राम और रीना देवी के इकलौते बेटे गोल्डन कुमार के रूप में हुई है. परिवार के लिए यह सदमा असहनीय है क्योंकि गोल्डन उनका एकमात्र बच्चा था.
सुबह 4 बजे खुली आंख तो बच्चा नहीं मिला
परिजनों के अनुसार, शनिवार रात गोल्डन अपने माता-पिता के साथ सोया था. करीब सुबह चार बजे जब माता-पिता की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बच्चा बिस्तर पर नहीं है. पहले परिवार वालों ने घर और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की. काफी देर खोजबीन के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई.
सूचना मिलते ही साठी थाना पुलिस हरकत में आ गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए नरकटियागंज के एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह भी पुलिस टीम और डॉग एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुंचे.

पुलिस और डॉग स्क्वॉड ने शुरू की तलाश
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान चलाया. डॉग स्क्वॉड की मदद से कई स्थानों की जांच की गई, लेकिन शुरू में बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस इलाके के लोगों से पूछताछ कर रही थी और संभावित साक्ष्य जुटा रही थी. इसी दौरान गांव के कुछ चरवाहों की नजर एक गड्ढे में पड़े बच्चे के शव पर पड़ी. सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे. शव की पहचान गोल्डन कुमार के रूप में हुई.
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस जांच में जुटी. घर से कुछ दूरी पर गड्ढे से बच्चे का शव बरामद किया गया है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मासूम अपने माता-पिता के साथ सो रहा था तो वह गड्ढे तक कैसे पहुंचा. पुलिस आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है. स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं.

अपहरण से लेकर हत्या तक, हर एंगल पर जांच
फिलहाल पुलिस अपहरण के बाद हत्या की आशंका समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है. हालांकि अभी तक किसी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह और घटना की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी.
उधर, मासूम की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोगों के मन में भी एक ही सवाल है कि आखिर मां के पास सो रहा तीन माह का बच्चा अचानक कैसे गायब हुआ और उसका शव गड्ढे तक कैसे पहुंच गया.
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