जमुई में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की घटना ने बिहार में महिला सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. खास बात यह है कि जिस जिले में यह घटना हुई, वहां की विधायक श्रेयसी सिंह सिर्फ मंत्री ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकीं पूर्व निशानेबाज भी हैं. NDTV से बातचीत में उन्होंने माना कि बिहार में महिलाएं तो लगातार आगे बढ़ रही हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.NDTV से बातचीत में उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को शर्मसार करती हैं और इनके पीछे असामाजिक तथा आपराधिक मानसिकता वाले लोग होते हैं.
'महिलाएं आगे बढ़ रही हैं, लेकिन चिंता आज भी है'
बातचीत के दौरान श्रेयसी सिंह का सबसे अहम बयान महिला सुरक्षा को लेकर आया. उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, अपनी पहचान बना रही हैं, लेकिन सुरक्षा का सवाल अब भी उनके सामने मौजूद है. उन्होंने माना कि महिलाओं को आज भी कई बार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है. उनके मुताबिक महिला सशक्तिकरण की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और समाज को इस दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है.
जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ की घटना पर बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा- 'जो लोग अभी बचे हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर एक्शन लिया जाए'#Jamui | #Bihar | @Shivamjournal pic.twitter.com/l2SDSVqVv0
— NDTV India (@ndtvindia) September 21, 2026
तीन गिरफ्तारी हुईं, बाकी पर भी होगी कार्रवाई
मंत्री ने बताया कि मामले में शुरुआती देरी इसलिए हुई क्योंकि पीड़ित परिवार की ओर से तुरंत प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी. हालांकि सोशल मीडिया के जरिए जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. श्रेयसी सिंह ने कहा कि जो आरोपी अभी तक गिरफ्त से बाहर हैं, उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं बरतती.
'राजनीति नहीं, कार्रवाई जरूरी'
जमुई की घटना पर सियासी बयानबाजी के बीच श्रेयसी सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए. उनका कहना था कि किसी भी घटना के बाद सबसे पहली प्राथमिकता दोषियों को पकड़ना और पीड़ित को न्याय दिलाना होनी चाहिए.उन्होंने दावा किया कि आज के बिहार और पुराने दौर के बिहार में बड़ा अंतर है. उनके मुताबिक कानून-व्यवस्था पहले से मजबूत हुई है, लेकिन समाज के भीतर मौजूद कुछ असामाजिक तत्व समय-समय पर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं.
जागरूकता को बताया सबसे बड़ा हथियार
महिलाओं के लिए अपने संदेश में श्रेयसी सिंह ने कहा कि सशक्तिकरण का रास्ता जागरूकता से होकर जाता है. उन्होंने कहा, "एक जागरूक महिला ही सशक्त महिला बनेगी." उनके मुताबिक महिलाओं ने घर की चारदीवारी से निकलकर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन बराबरी और सुरक्षा की लड़ाई अभी लंबी है और इसे समाज के साथ मिलकर लड़ना होगा. बता दें कि श्रेयसी सिंह की पहचान बिहार की युवा महिला नेताओं में होती है. राजनीति में आने से पहले वह निशानेबाजी की दुनिया में देश का नाम रोशन कर चुकी हैं. ऐसे में जब उनके ही विधानसभा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई तो मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि महिला सुरक्षा की बहस का हिस्सा बन गया.
ये भी पढ़ें: पहाड़ पर घूमने गए थे लड़का-लड़की, पहले से घात लगाए बैठे थे आरोपी, जमुई कांड में बड़ा खुलासा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं