बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर आज यानी 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव के लिए वोटिंग होने जा रही है. इस सीट को लेकर काफी चर्चा है. आचार संहिता की वजह मंगलवार को ही चुनाव प्रचार थम चुका था. हम आपको बांकीपुर सीट उपचुनाव (Bankipur Bye Election 2026) से जुड़े उन पांच FAQ's का जवाब देंगे, जो आपके मन में चल रहा होगा.
कौन-कौन चुनाव मैदान में उतरे हैं?
बीजेपी की ओर से नीरज सिन्हा चुनाव के मैदान में हैं. वहीं जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी चुनावी मैदान में हैं. प्रशांत किशोर की चुनाव लड़ने की वजह से ये उपचुनाव चर्चा का विषय बन गया है.
इस सीट से तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने रेखा गुप्ता को टिकट दिया है. बीजेपी ने इससे पहले अभिषेक कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था. वे नितिन नवीन के करीबी बताये जाते हैं. हालांकि निजी वजहों को हवाला देते हुए 10 जुलाई को अभिषेक ने नामांकन वापस ले लिया था.

नीरज सिन्हा बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी चुनाव लड़ रहे हैं.
क्यों हो रहा है बांकीपुर उपचुनाव?
बांकीपुर सीट भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्य सभा सदस्य बनने के बाद खाली हो गया था. उन्होंने 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में इस सीट से जीत दर्ज की थी. वह 51,936 वोटों से जीते थे. उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा कुमारी को हराया था.
अप्रैल में नितिन नवीन ने राज्य सभा सदस्य के तौर पर शपथ ली थी. इससे पहले नितिन नवीन को भाजपा का अध्यक्ष चुना गया था. नितिन जेपी नड्डा के बाद भाजपा के अध्यक्ष बने हैं.

नितिन नवीन इसी साल भाजपा अध्यक्ष बने हैं और राज्य सभा सदस्य भी चुने गए हैं.
क्या है इस सीट का इतिहास?
ये सीट बीते तीन दशक से बीजेपी के पाले में रहा है. अकेले नितिन नवीन इस सीट से चार बार चुनाव जीत चुके हैं. साल 2020 के चुनाव में भी बीजेपी की ओर से नितिन नवीन ही इस सीट से जीते थे. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार और शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा को 39 हजार वोटों से हराया था.
साल 1995 से इस सीट पर बीजेपी चुनावी फतह हासिल करती रही है. तब ये सीट पटना पश्चिम कहलाती थी. साल 2008 में परिसीमन के बाद ये सीट बांकीपुर कही जाने लगी.
साल 1995 से लेकर साल 2005 तक इस सीट पर नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा बीजेपी के झंडे तले चुनाव जीतते आए. यानी करीब तीन दशक से ज्यादा वक्त से इस सीट पर नितिन नवीन के परिवार की सत्ता रही है.
साल 2005 चुनाव जीतने के बाद नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा का निधन हो गया. इसके बाद नितिन नवीन ने साल 2006 में इसी सीट पर उपचुनाव जीता था और राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी. अप्रैल 2006 में हुए इस उपचुनाव में नितिन को कुल वोटिंग का 80 फीसदी से ज्यादा वोट मिला था.
बांकीपुर विधानसभा सीट में पटना के कौन-कौन से इलाके आते हैं?
पटना जिले में कुल 14 विधानसभा हैं. इसमें बांकीपुर सबसे अहम विधानसभा सीट माना जाता है. बांकीपुर के तहत राजेन्द्र नगर, मीठापुर, गर्दनीबाग, सचिवालय, कदमकुआं, बोरिंग रोड, गांधी मैदान सहित कई अहम इलाके आते हैं. ये इलाका कायस्थ बहुल माना जाता है.

बांकीपुर तीन दशक से बीजेपी का गढ़ रहा है.
बांकीपुर में कितने वोटर हैं?
बांकीपुर में कुल 3,79,402 मतदाता हैं. इनमें से 1 लाख 80 हजार महिलाएं हैं, जबकि 23 थर्ड जेंडर हैं. इस उपचुनाव में कुल 26 उम्मीदवार मैदान में है. चुनाव आयोग की ओर से शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र के सभी 422 पोलिंग बूथ शहरी इलाकों में आते हैं.
पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में बिहार में कुल वोटिंग प्रतिशत 65 प्रतिशत से ज़्यादा था, लेकिन शहरी इलाका होने के बावजूद बांकीपुर में 41.35 प्रतिशत वोटरों ने वोट दिया था.
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