बिहार के मुजफ्फरपुर में AK-47 राइफल की तस्करी से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. NIA ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी संदीप कुमार सिन्हा को हाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया है. उसे 29 अक्टूबर को रात करीब 10:30 बजे वैशाली के टाउन थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. आरोपी के पास से एक नेक्सॉन कार, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड बरामद किए गए हैं.
NIA के मुताबिक, संदीप कुमार सिन्हा ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार तक प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियारों यानी AK-47 राइफलों की तस्करी की साजिश रची थी. इस साजिश का मकसद सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को बाधित करने के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र में 7 मई 2024 को दर्ज FIR नंबर 19/2024 से जुड़ा है. पुलिस ने मुर्गटिया पुल के पास से एक AK-47 राइफल, लेंस और जिंदा कारतूस बरामद किए थे. इस दौरान हथियारों की तस्करी में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने 5 अगस्त 2024 को RC-11/2024/NIA/DLI के तहत जांच अपने हाथ में ली थी.
अब तक कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
जांच के दौरान NIA इस मामले में तीन सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ दाखिल की गई थी. दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट मंजूर खान के खिलाफ और तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ दाखिल की गई थी. इन आरोपियों पर IPC, आर्म्स एक्ट और UAPA की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. NIA इससे पहले 19 अगस्त 2026 को भैरव त्रिपाठी और 22 अगस्त 2026 को करमुल्लाह को भी गिरफ्तार कर चुकी है. फिलहाल NIA इस पूरे हथियार तस्करी नेटवर्क की आगे की जांच कर रही है.
गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर के फकुली ओपी क्षेत्र के मुर्गीया पुल के पास से AK-47 राइफल, लेंस, और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे. साथ ही अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की बात करे तो एनआईए की जांच में यह बात सामने आई है कि इस गिरोह के तार हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हुए हैं.
गिरफ्तार अधिवक्ता के पिता ने बताया कि इससे पहले एनआईए की टीम दो बार उनके घर पर छापेमारी कर चुकी है. उनका दावा है कि पहली छापेमारी के दौरान घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ था. वहीं, दूसरी छापेमारी में एनआईए ने कथित तौर पर एक रिवॉल्वर को घर के बाहर स्थित कमरे में रखकर उसकी बरामदगी दिखाई. वहीं, अधिवक्ता के चचेरे भाई ने बताया कि एनआईए की दूसरी कार्रवाई और जब्ती सूची को पटना स्थित एनआईए कोर्ट में चुनौती दी गई है.
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