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20 साल शहर में रहने के बाद गांव में जा बसी कंपनी की फाउंडर, बोली- पूरी जिंदगी बदल गई

तीन बच्चों की मां जेन पोडानी ने 20 साल बाद शहर की जिंदगी छोड़कर करीब 6,000 आबादी वाले कस्बे में बसने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि छोटे शहर में आने के बाद परिवार की जिंदगी कैसे बदल गई.

20 साल शहर में रहने के बाद गांव में जा बसी कंपनी की फाउंडर, बोली- पूरी जिंदगी बदल गई
20 साल शहर में रहने के बाद गांव में जा बसी कंपनी की फाउंडर, बोली- पूरी जिंदगी बदल गई
Instagram/jenpodany

Viral News: शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से लोग अब तंग आने लगे हैं. अब लोग शांत और सुकून वाली जगह ढूंढ रहे हैं. बहुत सारे लोग शहर अपना सबकुछ छोड़कर पहाड़ों पर शिफ्ट हो गए तो कुछ लोग अब गांव या कस्बे में अपना आसियाना बसा रहे हैं. ऐसे ही एक बड़ी कंपनी की फाउंडर शहर से 10 घंटे की दूरी पर स्थित एक कस्बे में अपने परिवार के साथ बस गई. महिला फाउंडर का कहना है कि हम सभी अब ज़्यादा शांत और सुकून महसूस करते हैं. मेरा नर्वस सिस्टम अब काफी संतुलित हो गया है.

एरिज़ोना के स्नोफ्लेक में बस गई फाउंडर

महिला फाउंडर का नाम जेन पोडानी है, वह 'ब्लूस्टोन सनशील्ड्स' की फाउंडर हैं. वह अमेरिका में लॉस एंजिल्स छोड़कर अपने पति और तीन बच्चों के साथ एरिज़ोना के स्नोफ्लेक चली गईं. स्नोफ्लेक लगभग 6,000 निवासियों वाला एक छोटा सा कस्बा है. स्नोफ्लेक में शिफ्ट होने के बाद जेन पोडानी कहती हैं कि यहां पर आना सिर्फ मेरी सेहत के लिए ही नहीं अच्छा रहा है, बल्कि मेरे बिज़नेस के लिए भी फायदेमंद साबित हुआ है. इससे मेरी क्रिएटिविटी बढ़ी है.

जेन पोडानी का परिवार 2024 के आखिर में एक बार फिर लॉस एंजिल्स की भागदौड़ से दूर 'स्नोफ्लेक' कस्बे की शांति में आ गया. Business Insider से बातचीत में जेन पोडानी ने बताया कि वे कई सालों से ऐसा कर रहे थे. इसके लिए स्नोफ्लेक में एक एयरबीएनबी (Airbnb) किराए पर लेते थे. स्नोफ्लेक में आकर उन्हें ऐसा लगता था जैसे हम खुलकर सांस ले पा रहे हों. यहां पहुंचते ही हमारा मन शांत हो जाता था और जब यहां से वापस जाने का समय आता, तो मन करता कि यहीं रुक जाएं.

लॉस एंजिल्स के बरबैंक रहता था परिवार

स्नोफ्लेक में शिफ्ट होने से पहले वह परिवार के साथ लॉस एंजिल्स के बरबैंक में में एक डुप्लेक्स में रहती थी. 2 बेडरूम और एक बाथरूम वाले एक अपार्टमेंट वह 3 बच्चों और अपने पति के साथ रहती थीं, जबकि दूसरे मेरे पति और मैं अपने-अपने अलग-अलग बिज़नेस चलाते थे. उनका डुप्लेक्स एक ऐसी सड़क के पास था, जिस हमेशा वाहन चलते रहते हैं. 

सड़क पर गाड़ियों की वजह से बच्चों को बाहर खेलने भेजने में बहुत सावधानी बरतनी पड़ती थी. जब वे लोग बाहर जाते तो बच्चों का हाथ पकड़े रहते. जेन पोडानी ने कहा कि वहां से बरबैंक एयरपोर्ट पर आते-जाते विमानों की आवाज़ें भी सुनाई देती थीं. जैसे-जैसे हमारे बच्चे बड़े हुए और हमारा बिज़नेस बढ़ा, हमें लगने लगा कि हम एक बहुत ही तंग जगह में सिमट कर रह गए हैं. फिर स्नोफ्लेक में चार बेडरूम वाला एक घर बिकने के बारे में जानकारी मिली, जिसे उन्होंने 4.7 करोड़ रुपये ($500,000) में खरीद दिया. जनवरी 2025 में जब वह परिवार के साथ स्नोफ्लेक पहली बार रहने आईं तो कोई वापस बरबैंक नहीं जाना चाहता था. 

स्नोफ्लेक में बदल गई पूरी जिंदगी

तभी हमें समझ आ गया कि हम स्नोफ्लेक को ही अपना घर बना लेंगे. वो लॉस एंजिल्स छोड़कर 6,000 लोगों की आबादी वाले एक कस्बे में आ गए. अब स्नोफ्लेक में उनके पास चुनने के लिए 20 विकल्प नहीं, बल्कि सिर्फ एक ही जगह है. वे काम करते हैं, बच्चों को घर पर पढ़ाते हैं (होमस्कूलिंग), खाना खाते हैं और सो जाते हैं, बिल्कुल वैसे ही जैसे लॉस एंजिल्स में करते थे. लेकिन उनकी ज़िंदगी में अब ज़्यादा शांति और सुकून है. स्नोफ्लेक में ऐसा लगता है जैसे मैं पूरी तरह से नियंत्रण में हैं और दिमाग एकदम साफ है.

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जेन पोडानी का कहना है कि उनके बच्चों का बचपन 80 के दशक जैसा है. उन्हें बिना किसी डर के घर से बाहर निकलने की आज़ादी है. बस थोड़ी दूर साइकिल चलाकर जाने पर उन्हें दूसरे बच्चे मिल जाते हैं, जिनके साथ वे अक्सर खेलते रहते हैं. शहरों में बच्चे बहुत जल्दी बड़े हो जाते हैं, लेकिन यहां रहने से जेन पोडानी को लगता है कि उनके बच्चे सच में 'बच्चे' बने रह सकते हैं. यह बिल्कुल 80 के दशक के बचपन में वापस जाने जैसा है, और मुझे उनके लिए यह बात बहुत अच्छी लगती है.

हमारा घर अब बड़ा है, इसलिए हम एक-दूसरे के ऊपर चढ़े हुए नहीं रहते, और बच्चों के पास बाहर घूमने-फिरने के लिए भी काफी खुली जगह है. यहां हम घर से बाहर निकलते हैं तो कोई न कोई ऐसा मिल ही जाता है जो रुककर बात करना चाहता है. यहां हर कोई "माउंटेन टाइम" (पहाड़ी समय) के हिसाब से चलता है. यानी ज़िंदगी की रफ़्तार थोड़ी धीमी हो गई है. यहां कोई भी सिर झुकाए, अपने फोन में खोया हुआ, इतनी जल्दी में नहीं भाग रहा कि किसी से बात करने का भी समय न हो. यहां हर कोई पूरी तरह मौजूद है और मिलनसार है.

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