Civil services preparation emotional story: तैयारी की शुरुआत वाली पहली एनसीईआरटी से लेकर लक्ष्मीकांत की भारी किताबें और रात-रात भर जागकर बनाए गए नोट्स, सब एक झटके में रद्दी बन गए. 26 साल के एक एस्पिरेंट ने जब अपनी सालों की मेहनत को कबाड़ी के तराजू पर रखा, तो उसे सिर्फ 464 रुपये मिले. 26 साल के छात्र ने अपना दर्द बयां करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर लिखा कि, 'जब एक-एक किताब उस ढेर पर गिर रही थी, तो उसके अंदर का सब कुछ सुन्न हो गया था.' सोशल मीडिया पर अब उसका ये इमोशनल पोस्ट पढ़कर लाखों लोगों की आंखें नम हो रही हैं.
ये भी पढ़ें:-'सैलरी ही आपकी लाइफस्टाइल चलाती है', इन्फ्लुएंसर ने दी ऐसी सलाह तो भड़के कॉर्पोरेट एम्पलाइज
हाई पेइंग जॉब छोड़ी और चार साल का रिश्ता भी टूटा (upsc preparation sacrifice story)
वायरल हो रहे रेडिट पोस्ट के मुताबिक, इस एग्जाम को निकालने के चक्कर में बंदे ने 2022 में मिली एक अच्छी सैलरी वाली जॉब छोड़ दी थी. इतना ही नहीं, तैयारी के इस टफ समय में उसका चार साल पुराना रिश्ता भी टूट गया. हर बार निराशा मिलने के बाद वो खुद को संभालता और कहता कि, 'बस एक अटेंप्ट और, लेकिन 2025 के प्रीलिम्स में जब नाम नहीं आया तो उसका भरोसा पूरी तरह टूट गया.
Sold all my UPSC books and mock tests to the kabadiwala yesterday. Here's what it felt like.
by u/Sol-Invictus-10 in UPSC
किताबों से मिले पैसे मंदिर में किए दान (upsc books sold kabadiwala 464)
बंदे ने अपनी पोस्ट में बताया कि, कबाड़ी से मिले 464 रुपयों को उसने मंदिर के दानपात्र में डाल दिया. पोस्ट में आगे लिखा कि, 'अब आगे कोई नया अटेंप्ट नहीं बचा है, इसलिए न तो किस्मत चाहिए और न ही कोई मन्नत.' सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर ये पोस्ट सामने आते ही कुछ लोगों ने जहां बंदे को हिम्मत दी. वहीं कुछ लोगों ने अपना नजरिया रखा.
ये भी पढ़ें:-बेंगलुरु या गुड़गांव, कहां है असली मजा? दोनों जगह रह चुके शख्स की बात सुनकर सोच में पड़ जाएंगे आप
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं