Viral Video: UK से लौटी लड़की श्रुतिका (Shrutika ) ने भारत में कई नौकरियां के ऑफर रिजेक्ट कर दिए. भारतीय लड़की से लोग पूछते थे कि UK से वापस आने के बाद भारत में नौकरी ढूंढना कैसा रहा? इसको लेकर उसने बताया कि भारत में नौकरी के लिए उसकी कुछ शर्तें थीं. उसे एक ऐसी नौकरी चाहिए थी, जो उसे चैलेंज करे. साथ ही लड़की ने अपनी मिनिमम सैलरी को लेकर भी शर्त तय कर रखी. उसने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में बताया कि यह सब इसलिए तय कर रखा था, क्योंकि उसने पढ़ाई और एक्सपीरियंस पर काफी इन्वेस्ट किया है.
नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई
इंस्टाग्राम पर श्रुतिका (Shrutika) के इंस्टाग्राम पर 1200 से ज्यादा फॉलोवर्स हैं. वह नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी (Nottingham Trent University- NTU) से ग्रैजुएट हैं. श्रुतिका ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा, "बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं, UK से वापस आने के बाद भारत में नौकरी ढूंढना कैसा रहा?" लोगों के इस सवाल पर वह कहती हैं, मेरी कुछ ऐसी शर्तें थीं जिन पर मैं समझौता नहीं करना चाहती थी. जैसे कि मुझे किस तरह का मार्केटिंग रोल चाहिए, कैसा काम का माहौल चाहिए और मेरे अनुभव के हिसाब से सही सैलरी.
श्रुतिका ने भारत में कई जॉब्स ठुकराई
वह वीडियो में आगे कहती हैं, "UK से वापस आने के बाद मैंने भारत में कई जॉब्स ठुकरा दीं और इसकी वजह ये थी, मुझे पता था कि मैं क्या वैल्यू दे सकती हूं. भारत में अपनी पहली फुल-टाइम जॉब के लिए मेरी कुछ शर्तें थीं. पहली बात, मुझे ऐसी जॉब चाहिए थी जो मुझे चैलेंज करे. मैं वापस आकर तुरंत आरामदेह स्थिति में नहीं आना चाहती थी. मुझे ऐसा रोल चाहिए था जिसमें मैं सीख सकूं, चीज़ें समझ सकूं और कभी-कभी थोड़ी मुश्किल या असहज स्थिति का सामना करूं, क्योंकि मुझे पता है कि वहीं से मेरी ग्रोथ होगी. दूसरी बात, मुझे एक MNC में काम करना था."
उम्मीद के मुताबिक सैलरी नहीं दे रहे स्टार्टअप्स
UK से लौटी श्रुतिका ने वीडियो में बताया कि मैंने कुछ स्टार्टअप्स के साथ भी इंटरव्यू दिए, लेकिन वे मेरी उम्मीद के मुताबिक सैलरी नहीं दे पा रहे थे और मुझे उन्हें 'ना' कहने में कोई दिक्कत नहीं थी. उनमें से कुछ का काम वाकई दिलचस्प था, लेकिन फिर वही बात, वे मुझे उतना पे नहीं कर सकते थे, क्योंकि मुझे पता था कि मेरे पास ग्लोबल वर्क एक्सपीरियंस और अलग-अलग मार्केट्स की समझ है, इसलिए मैं ऐसी जगह चाहती थी जहां मैं असल में उसका इस्तेमाल कर सकूं.
श्रुतिका ने नौकरी के लिए तय की मिनिम सैलरी
तीसरी बात, मेरी मिनिमम सैलरी की उम्मीद 7 LPA थी. मैं उससे कम पर काम करने को तैयार नहीं थी. ऐसा इसलिए नहीं कि मुझे लगता था कि फ्रेशर होने के नाते मेरा 7 LPA पर हक है, बल्कि इसलिए क्योंकि मुझे पता था कि मैंने अपनी पढ़ाई और एक्सपीरियंस पर कितना इन्वेस्ट किया है और मैं किस तरह का रोल ढूंढ रही हूं. इन शर्तों की वजह से जॉब ढूंढना वाकई मुश्किल हो गया था. कुछ मौके ऐसे भी आए जिन्हें मैंने ठुकरा दिया. कुछ मौकों पर मुझे लगा, "क्या मैं कुछ ज़्यादा ही नखरे दिखा रही हूं?"
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