क्या आपने कभी रेलवे स्टेशन के अंदर रात बिताने के बारे में सोचा है? बेंच पर इंतजार करने वाली नहीं, बल्कि एक कमरे में आराम से ठहरने वाली. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक महिला ने तमिलनाडु के कूनूर रेलवे स्टेशन में अपने अनोखे स्टे का अनुभव शेयर किया है, जिसने यात्रियों को हैरान कर दिया है.
UNESCO हेरिटेज लाइन पर खास ठहरने की सुविधा
महिला वीडियो में बताती हैं कि कूनूर रेलवे स्टेशन, जो नीलगिरि माउंटेन रेलवे (NMR) का हिस्सा है और यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल है, वहां यात्री स्टेशन परिसर के अंदर ही ठहर सकते हैं. यहां 12 घंटे के लिए लगभग 750 रुपये और 24 घंटे के लिए करीब 1500 रुपये में स्टे बुक किया जा सकता है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि यह लग्जरी स्टे नहीं है, बल्कि बेसिक, साफ और आरामदायक सुविधा है. इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं यात्रियों को मिलता है जिनके पास टॉय ट्रेन का कन्फर्म या RAC टिकट हो और वैध PNR नंबर हो.
शाम के बाद की शांति और सुकून
इस अनुभव को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात है यहां का सुकून. महिला ने बताया, कि स्टेशन से आखिरी ट्रेन शाम 4 बजे निकल जाती है. इसके बाद पूरी रात कोई शोर नहीं होता. पहाड़ों की ठंडी हवा, चारों तरफ सन्नाटा और प्राकृतिक माहौल इसे एक अलग ही अनुभव बना देता है. सुबह की पहली ट्रेन होने पर यात्रियों को समय पर पहुंचने की चिंता भी नहीं रहती.
क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
कूनूर एक हिल स्टेशन होने के कारण यहां ज्यादातर नॉन-एसी कमरे उपलब्ध हैं. यात्रियों को यहां मिलती हैं:
- प्राइवेट नॉन-एसी रूम (100 रु से 800 रु तक - 12 घंटे)
-डॉर्मिटरी बेड (50 रु से 300 रु प्रति बेड - 12 घंटे)
- IRCTC सर्विस चार्ज (रूम के लिए 20 रु, डॉर्मिटरी के लिए 10 रु)
-साफ टॉयलेट और वेटिंग एरिया
-चाय-नाश्ते के छोटे स्टॉल
-सूचना केंद्र
स्टेशन की 19वीं सदी की ब्रिटिश शैली की इमारत, लकड़ी के पैनल वाले वेटिंग रूम और आसपास का ऐतिहासिक माहौल इस अनुभव को और खास बनाता है.
देखें Video:
बुकिंग से पहले जान लें ये जरूरी बातें
-केवल कन्फर्म या RAC टिकट वाले यात्री ही ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं
-स्टे की अवधि 3 घंटे से 48 घंटे तक हो सकती है
-बुकिंग IRCTC वेबसाइट या ऐप से की जा सकती है
-चेक-इन के समय वैध पहचान पत्र जरूरी है
-ट्रेन टिकट कैंसिल होने पर रिटायरिंग रूम बुकिंग भी स्वतः रद्द हो जाएगी
-टॉय ट्रेन की मांग ज्यादा रहती है, इसलिए 1-2 महीने पहले बुकिंग करना बेहतर है
कई यात्रियों के लिए यह अनुभव यादगार साबित हो रहा है. क्योंकि कभी-कभी यात्रा का असली मजा लग्जरी में नहीं, बल्कि ऐसे अनोखे और शांत पलों में छिपा होता है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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