Kim Hee Soo Controversy: कभी-कभी सियासत की एक जुबान, पूरे मुल्क में तूफान खड़ा कर देती है. दक्षिण कोरिया में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब आबादी बढ़ाने पर हुई एक मीटिंग में दिया गया बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया. देखते ही देखते मामला सियासी गलियारों से निकलकर अवाम की नाराजगी का सबब बन गया. पढ़ें पूरी खबर...
क्या था पूरा मामला (South Korea Population Crisis)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के जिन्दो काउंटी प्रमुख किम ही सू ने एक बैठक के दौरान विवादित टिप्पणी की. यह बैठक दक्षिण जेओला प्रांत और ग्वांगजू शहर के प्रशासनिक एकीकरण पर हो रही थी. उन्होंने कहा कि अगर आबादी घटने की समस्या दूर नहीं हुई तो विदेशों से युवा लड़कियां लाकर ग्रामीण इलाकों के अविवाहित पुरुषों की शादी कराई जा सकती है. यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और व्यापक आक्रोश फैल गया.

Photo Credit: iStock
पार्टी की कार्रवाई (Party Takes Action)
कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में बताया गया कि, टिप्पणी को महिलाओं के प्रति अपमानजनक और अनुचित माना गया. बढ़ते दबाव के बीच डेमोक्रेटिक पार्टी ने आपात बैठक बुलाई और किम ही सू को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया. उन पर लैंगिक भेदभाव को बढ़ावा देने और गैर जिम्मेदार बयान देने के आरोप लगे.
ये भी पढ़ें:-97 साल के शख्स की मोहब्बत पर मुहर, केस करने के बावजूद अदालत में हार गए बेटे
दक्षिण कोरिया लंबे समय से घटती जन्म दर की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान समस्या का हल नहीं, बल्कि सामाजिक असंतुलन को और बढ़ा सकते हैं. यह घटना दिखाती है कि जनसंख्या संकट जैसे गंभीर मुद्दों पर संवेदनशील और सम्मानजनक संवाद जरूरी है. एक बयान ने सियासी करियर पर विराम लगा दिया.
ये भी पढ़ें:-60 की उम्र में कर्ज से परेशान महिला ने बेचा घर, क्रूज शिप पर शुरू की नई जिंदगी
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं