Train Aarti Viral Video: सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे वीडियो सामने आते हैं जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं. हाल ही में एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन के अंदर यात्रियों द्वारा आरती की जा रही है. इस वीडियो ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है, क्या धार्मिक आस्था का प्रदर्शन पब्लिक प्लेस पर सही है या नियमों का उल्लंघन?
वीडियो में क्या दिखा?
वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ट्रेन के डिब्बे को अस्थायी मंदिर का रूप दे दिया गया है. ऊपरी बर्थ पर भगवान की तस्वीरें और फूलों से सजावट की गई है. आसपास बैठे यात्री भजन गा रहे हैं और आरती कर रहे हैं. यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए कि क्या इस तरह की गतिविधियां सार्वजनिक परिवहन में सही हैं. कुछ यूजर्स ने सुरक्षा, भीड़ और अन्य यात्रियों को होने वाली परेशानी को लेकर चिंता जताई.
भारत गौरव ट्रेन का एंगल
वहीं, कुछ लोगों ने यात्रियों का बचाव भी किया. उनका कहना है कि यह ट्रेन कथित तौर पर भारत गौरव पर्यटक ट्रेन थी. ये ट्रेनें खासतौर पर धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा के लिए चलाई जाती हैं, जहां यात्री तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हैं. ऐसे में कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह की पूजा-अर्चना वहां सामान्य बात हो सकती है.
देखें Video:
यह पूर्णतः गलत है।
— NCIB Headquarters (@NCIBHQ) April 12, 2026
किसी भी यात्री ट्रेन में (तीर्थ यात्रा स्पेशल ट्रेन या पूरा कोच बुकिंग को छोड़कर) इस प्रकार पूजा-अर्चना करना उचित नहीं है।
यात्रा एक साझा स्थान होती है, जहाँ हर यात्री अपनी सुविधा और शांति के साथ सफर करना चाहता है। इस तरह की गतिविधियाँ अन्य यात्रियों के लिए… pic.twitter.com/FckEphRQF8
बढ़ता विवाद और प्रतिक्रिया
मामला तब और गरम हो गया जब NCIB ने इस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से कहा, कि यात्रियों को सार्वजनिक जगहों के नियमों का पालन करना चाहिए और यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए. इसके बाद बहस और तेज हो गई. एक यूजर ने लिखा, अगर ट्रेन में कोई नमाज पढ़े तो उसे गलत कहा जाता है, तो फिर यह क्या है? मैं हिंदू हूं, लेकिन पहले भारतीय हूं. वहीं, एक अन्य यूजर ने गुस्से में कहा, उन्हें जेल में क्यों नहीं डाला गया? पब्लिक प्लेस में इस तरह की चीजें कैसे बर्दाश्त की जा सकती हैं? कुछ लोगों ने व्यंग्य करते हुए भी कमेंट किए और इस पूरे मामले को वायरल होने की कोशिश बताया.
आस्था बनाम नियम
यह वीडियो एक बड़े सवाल को सामने लाता है, क्या व्यक्तिगत आस्था को सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह से दिखाना सही है? जहां एक तरफ लोग इसे श्रद्धा और संस्कृति का हिस्सा मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई लोग इसे नियमों और दूसरों की सुविधा के खिलाफ बता रहे हैं.
यह भी पढ़ें: चल नहीं पा रहा था, फिर भी गुरुद्वारे पहुंचा… हिम्मत और आस्था का ऐसा संगम आपने पहले कभी नहीं देखा होगा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं