Job Interview Tips: जॉब इंटरव्यू को लेकर अक्सर लोगों को कहते हुए सुना जाता है कि मैंने सभी सवालों के सही से जवाब दिए. फिर भी मेरा सलेक्शन क्यों नहीं हुआ. लेकिन इंटरव्यू में हर सवाल के सही से जवाब देना ही सलेक्शन का एक आधार नहीं हो सकता है. मेटा (Meta) में 100 से ज्यादा इंटरव्यू ले चुके एक इंजीनियर ने कैंडिडेट्स के रिजेक्ट होने की सबसे आम वजह बताई है. इंजीनियर का कहना है कि कई कैंडिडेट समस्या को पूरी तरह समझने और अपने विचार स्पष्ट करने के बजाय सीधे कोड लिखना शुरू कर देते हैं. इंटरव्यू में केवल सही सॉल्यूशन देना ही नहीं, बल्कि अपनी सोच, बातचीत की क्षमता और समस्या सुलझाने का तरीका दिखाना भी काफी महत्वपूर्ण होता है.
मेटा में कंडक्ट करा चुका 100 इंटरव्यू
इंजीनियर ने एक रेडिट पर एक पोस्ट की है, जिसमें इंटरव्यू के दौरान कैंडिडेट के रिजेक्ट होने के कारण पर बात किया. मेटा इंजीनियर ने लिखा कि कैंडिडेट के फेल होने का मुख्य कारण आमतौर पर उनका पर्याप्त बातचीत न करना होता है. इंजीनियर ने बताया कि वह अब तक मेटी में 100 इंटरव्यू कंडक्ट करा चुके हैं.
इंजीनियर ने अपनी रेडिट पोस्ट में बताया कि इंटरव्यू के दौरान कैंडिडेट को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है. जैसे सीधे किसी सवाल के समाधान पर न कूदें. वह कहते हैं कि भले ही आप कोड लिख लें, लेकिन इसे आमतौर पर एक बुरा संकेत माना जाता है. यह बात शायद बहुत सामान्य लगे, लेकिन मुझे हैरानी होती है कि कितने कैंडिडेट ऐसा करते हैं.
इंटरव्यू में किन बातों का रखें ध्यान?
पहले समस्या के दायरे (scope) को समझें, इंटरव्यू लेने वाले को अपना तरीका स्पष्ट रूप से बताएं, और सभी संभावित 'एज केसेस' (edge cases) के बारे में सोचें. वह आगे लिखते हैं कि समस्या सुलझाने की क्षमता (problem-solving skills), बातचीत का तरीका, और यह सुनिश्चित करना कि आपका समाधान हर स्थिति में काम करे, ये सभी चीजें केवल एक सही कोड लिखने जितनी ही महत्वपूर्ण हैं. आपको इन्हें दिखाना होगा.

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इंटरव्यू में कैसे सकारात्मक संकेत जाता है?
मेटा में इंटरव्यू लेने वाले इंजीनियर ने आखिरी में बताया कि बातचीत करने से इंटरव्यू लेने वाले को आपकी मदद करने का मौका भी मिलता है. असल में, जरूरत पड़ने पर उन्हें ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाता है. साथ ही, आप उन संकेतों (hints) को अपने समाधान में कैसे शामिल करते हैं, यह भी एक सकारात्मक संकेत माना जाता है.
(अस्वीकरण: यह कहानी Reddit पर वायरल हुई एक पोस्ट पर आधारित है. एनडीटीवी ने पोस्ट में उल्लिखित व्यक्तियों द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है.)
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