बेंगलुरु से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने होम लोन लेने वालों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने दावा किया कि उनके पड़ोसी को सिर्फ तीन EMI न भर पाने की वजह से अपना फ्लैट गंवाना पड़ा. यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसकी सच्चाई पर भी सवाल उठा रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
बेंगलुरु की सीए मीनल गोयल ने LinkedIn पर एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने बताया कि उनके पड़ोसी राजेश को अक्टूबर 2025 में नौकरी से निकाल दिया गया. जनवरी 2026 तक वह लगातार तीन EMI नहीं भर पाए. मीनल के मुताबिक, बैंक ने उनके खिलाफ SARFAESI Act के तहत नोटिस भेजा. 60 दिनों के अंदर फ्लैट की नीलामी कर दी गई. बताया गया कि राजेश ने यह फ्लैट 1.2 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन नीलामी में यह सिर्फ 95 लाख रुपये में बिक गया. 8 साल तक EMI भरने के बाद उन्हें सिर्फ 15 लाख रुपये वापस मिले, जबकि करीब 80 लाख रुपये बैंक ने बकाया वसूलने में रख लिए.
एक छंटनी ने 8 साल की मेहनत मिटा दी
मीनल गोयल ने लिखा, कि इस घटना से उन्हें एहसास हुआ कि जब तक लोन पूरी तरह चुकता नहीं हो जाता, तब तक घर पूरी तरह आपका नहीं होता. उन्होंने लोगों को सलाह दी कि होम लोन लेने से पहले इमरजेंसी फंड जरूर रखें. अगर कभी ऐसी स्थिति आ जाए, तो बैंक से खुलकर बात करें और लोन रीस्ट्रक्चर कराने की कोशिश करें.
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
यह पोस्ट दो हफ्ते पहले शेयर की गई थी, लेकिन हाल ही में इसे एक्स पर दोबारा शेयर किए जाने के बाद चर्चा में आ गई. हालांकि, कई लोगों ने इस कहानी की सच्चाई पर सवाल उठाए. कुछ यूजर्स का कहना है कि 8 साल पुराने बेंगलुरु फ्लैट का मूल कीमत से कम में बिकना मुश्किल लगता है. एक यूजर ने लिखा, कि आमतौर पर बैंक 90 दिन की डिफॉल्ट के बाद भी 3 महीने का एक्सटेंशन दे देते हैं. वहीं, दूसरे ने कहा कि 60 दिन में नीलामी होना संभव नहीं है और यह जानकारी गलत हो सकती है.
A Bengaluru resident lost his ₹1.20 crore flat after missing just three home loan EMIs due to job loss. The SARFAESI Act auctioned the flat for a mere ₹95 lakh.
— Amit Arora 🇮🇳 (@GuruShareMarket) March 2, 2026
CA Meenal Goel explained that her neighbour had been diligently paying EMIs for eight years. However, after default,…
क्या सीख मिलती है?
चाहे यह कहानी पूरी तरह सही हो या नहीं, लेकिन इससे एक अहम सीख जरूर मिलती है, होम लोन लेते समय आर्थिक सुरक्षा का मजबूत प्लान होना जरूरी है. इमरजेंसी फंड, इंश्योरेंस और वैकल्पिक आय के साधन ऐसे समय में बड़ी राहत दे सकते हैं. नौकरी जाने जैसी स्थिति में बैंक से संवाद बनाए रखना भी बेहद जरूरी है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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