Kerala Honesty Shop: केरल के पय्यानूर त्रिकारिपुर बायपास रोड पर थालिचलम ब्रिज के पास एक छोटी सी दुकान है, जो आजकल चर्चा में है. इस दुकान को शुरू किया है थालिचलम के रहने वाले मुंडकुंडिल सुलैमान ने. विदेश में काम करने के बाद जब वह घर लौटे, तो उन्होंने लोगों पर भरोसा करते हुए ये दुकान खोली.

Photo Credit: pexels
क्या क्या मिलता है यहां (What This Shop Sells)
इस दुकान में यात्रियों और आसपास के लोगों के काम की चीजें मिलती हैं. नमकीन, मिठाई, मठा यानी छाछ और कुछ स्टेशनरी आइटम. हर सामान पर दाम साफ साफ लिखा है. कोई काउंटर नहीं, कोई कैशियर नहीं. जो चाहिए उठाओ और आगे बढ़ जाओ.
-
'लोग ट्रैवल करते रहेंगे, दुनिया घूमना मुश्किल नहीं' - NDTV World Summit 2026 में बोले जुबिन करकारिया -
एलन मस्क की उड़ने वाली गाड़ी नहीं, इस कार को पसंद करते हैं रेमंड चीफ गौतम सिंघानिया, खुद बताया कारण -
कंपनी को बचाने में खो दिया परिवार का बड़ा हिस्सा, रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने बयां किया दर्द -
'2022 के संकट में भारत हमारे साथ खड़ा रहा'- NDTV World Summit में बोले श्रीलंका के मंत्री चतुरंगा अबेसिंघे -
NDTV World Summit 2026: महंगे तेल का कारोबार पर कितना असर? गौतम सिंघानिया ने बताया -
विदेश में 2-3 दिन बाद क्यों याद आने लगता है घर का खाना? संयुक्ता नायर ने बताई दिलचस्प वजह -
EU-इंडिया ट्रेड डील ट्रैक पर, साल के अंत तक मुहर मुमकिन-NDTV WORLD Summit में बोले EU राजदूत -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026 | भारतीय एविएशन को नई ताकत, GE Aerospace अगले 9–10 साल में देगा 3,200 इंजन -
NDTV World Summit 2026: जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन के राजदूत ने क्या कुछ कहा -
AI से नहीं खत्म होंगी नौकरियां! टेक दिग्गज Andrew Ng ने बताया क्यों बेवजह है ‘Job Apocalypse’ का डर

Photo Credit: pexels
पैसे देने का अनोखा तरीका (How Payments Work on Trust)
पैसे देने के लिए दुकान में एक छोटा सा बॉक्स रखा है, जिसमें लोग नकद डाल देते हैं. डिजिटल पेमेंट के लिए गूगल पे का QR कोड भी लगा है. खास बात ये है कि अगर किसी के पास पैसे न हों, तो वह छोटा मोटा सामान उधार भी ले सकता है. सब कुछ भरोसे पर.

Photo Credit: pexels
ये भी पढ़ें:- जहां होती है इबादत, वहां नीचे जा रही थीं सीढ़ियां, फॉलो किया तो खुला 400 साल पुराना राज
न कैमरा न गार्ड फिर भी चोरी नहीं (No CCTV Yet No Theft)
दुकान में न CCTV है, न कोई गार्ड. फिर भी चोरी की घटनाएं ना के बराबर हैं. सुलैमान सुबह आकर सामान भरते हैं और रात को बस एक बार देखने आते हैं. रोज की कमाई करीब 500 से 1000 रुपये रहती है. आज जब हर जगह शक और निगरानी है, ऐसी दुकान उम्मीद जगाती है. ये दिखाती है कि भरोसा अभी खत्म नहीं हुआ है.
ये भी पढ़ें:- कंपनी के लायक नहीं, इसलिए निकाल दिया...HR का फोन आते ही टूट गया शख्स
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं