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भारत से गई महिला ने बताया नीदरलैंड की नौकरी का सच, वर्क कल्चर देख रह गई हैरान, बोली- यहां काम और जिंदगी अलग है

नीदरलैंड में काम कर रही भारतीय महिला अदिति ने वहां के वर्क कल्चर और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर अपना अनुभव साझा किया है. उन्होंने बताया कि वहां लोग काम के दौरान पूरी गंभीरता से काम करते हैं, लेकिन ऑफिस खत्म होते ही निजी जिंदगी को प्राथमिकता देते हैं.

भारत से गई महिला ने बताया नीदरलैंड की नौकरी का सच, वर्क कल्चर देख रह गई हैरान, बोली- यहां काम और जिंदगी अलग है
नीदरलैंड की नौकरी ने बदल दी भारतीय महिला की सोच

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने के लिए संघर्ष करते हैं. कई बार ऑफिस का तनाव घर तक पीछा नहीं छोड़ता. लेकिन नीदरलैंड में काम कर रही एक भारतीय महिला ने वहां के वर्क कल्चर को लेकर ऐसा अनुभव बताया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया. महिला ने बताया, कि वहां लोग काम को गंभीरता से लेते हैं, लेकिन निजी जिंदगी को भी उतनी ही अहमियत देते हैं.

महिला ने बताया वहां का वर्क कल्चर

नीदरलैंड में काम कर रही भारतीय प्रोफेशनल अदिति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में उन्होंने बताया कि वहां का वर्क कल्चर कैसे लोगों को काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन बनाना सिखाता है. अदिति ने कहा, कि नीदरलैंड में काम करने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई है. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने किसी और देश में काम नहीं किया है, इसलिए यही उनका पहला अंतरराष्ट्रीय अनुभव है.

'काम के समय सिर्फ काम'

अदिति के मुताबिक, नीदरलैंड में लोग काम को लेकर काफी गंभीर होते हैं, लेकिन साथ ही बहुत शांत और संतुलित भी रहते हैं. उन्होंने कहा, यहां लोग वर्क-लाइफ बैलेंस को बहुत महत्व देते हैं. जब हम काम कर रहे होते हैं, तब पूरी तरह फोकस रहते हैं, समय के पाबंद होते हैं और अपने काम में पूरी तरह मौजूद रहते हैं. उनका कहना है कि ऑफिस टाइम में लोग पूरी ईमानदारी और ध्यान से काम करते हैं.

देखें Video:

'काम खत्म तो सब खत्म'

अदिति ने बताया, कि जैसे ही काम का समय खत्म होता है, लोग पूरी तरह ऑफिस से खुद को अलग कर लेते हैं. उन्होंने कहा, जब आराम करने और अपनी जिंदगी जीने का समय आता है, तब लोग काम के बारे में सोचना छोड़ देते हैं. यहां लोग काम और निजी जिंदगी के बीच साफ सीमाएं बनाए रखते हैं. अदिति के मुताबिक, इसी वजह से उन्हें हर दिन अपने परिवार, दोस्तों और खुद के स्वास्थ्य के लिए समय मिल पाता है.

सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई सहमति

अदिति का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी लोगों को पसंद आया. कई यूजर्स ने उनकी बात से सहमति जताई और कहा कि हर देश में ऐसा वर्क कल्चर होना चाहिए. एक यूजर ने कमेंट किया, पूरी तरह सहमत. वीडियो पर कई लोगों ने हार्ट इमोजी और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी दीं.

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

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