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मधुमक्खी के एक डंक ने बदल दी जिंदगी! कॉलेज फीस भरने के लिए शुरू किया शहद का बिजनेस, अब हो रही तगड़ी कमाई

अमेरिका के 23 वर्षीय छात्र एंथनी ओंडो मधुमक्खियां पालकर और शहद बेचकर अपनी कॉलेज फीस भर रहे हैं. हाई स्कूल के बाद शुरू हुआ उनका यह शौक अब सफल बिजनेस बन चुका है. 50 हाइव्स संभालने वाले एंथनी आज लोकल कैफे और बिजनेस को शहद सप्लाई करते हैं.

मधुमक्खी के एक डंक ने बदल दी जिंदगी! कॉलेज फीस भरने के लिए शुरू किया शहद का बिजनेस, अब हो रही तगड़ी कमाई
मधुमक्खियां पालकर भर रहा अपनी कॉलेज फीस, 23 साल के छात्र की कहानी ने जीता दिल

कॉलेज की फीस भरने के लिए ज्यादातर छात्र पार्ट-टाइम नौकरी करते हैं, लेकिन अमेरिका के एक छात्र ने कुछ ऐसा किया जिसने लोगों को हैरान कर दिया. 23 साल के एंथनी ओंडो ने मधुमक्खियां पालने का काम शुरू किया और आज उसी बिजनेस से अपनी पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं. उनकी मेहनत और अनोखे आइडिया की कहानी अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है.

मधुमक्खियां पालकर भर रहा कॉलेज की फीस, 

अमेरिका के पेनसिल्वेनिया में रहने वाले 23 वर्षीय एंथनी ओंडो इन दिनों अपनी अनोखी कमाई के तरीके को लेकर चर्चा में हैं. जहां ज्यादातर छात्र कॉलेज फीस भरने के लिए नौकरी करते हैं, वहीं एंथनी मधुमक्खियां पालकर और शहद बेचकर अपनी पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं.

एंथनी चाथम यूनिवर्सिटी में सस्टेनेबल बिजनेस की पढ़ाई कर रहे हैं. वह पश्चिमी पेनसिल्वेनिया में 50 मधुमक्खी छत्तों (हाइव्स) की देखभाल करते हैं और साल में दो बार शहद निकालते हैं. इसी शहद को बेचकर वह अपनी ट्यूशन फीस भरते हैं.

एक डंक ने बदल दी जिंदगी

एंथनी की दिलचस्पी मधुमक्खी पालन में हाई स्कूल के बाद शुरू हुई. उन्होंने अपने दोस्त के दादा के साथ शहद निकालने में मदद की थी. हालांकि, काम शुरू करने के सिर्फ 15 मिनट के भीतर ही उन्हें मधुमक्खी ने काट लिया, लेकिन यही अनुभव उनके लिए नई शुरुआत बन गया. इसके बाद उन्होंने खुद कुछ छत्तों की देखभाल शुरू की और साल 2024 में अपना बिजनेस लॉन्च कर दिया.

बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक,  एंथनी ने बताया, कि उन्हें कुछ स्कॉलरशिप मिलती हैं और एक छोटा फेडरल लोन भी लेना पड़ता है, लेकिन बाकी फीस वह अपने बिजनेस से चुका देते हैं. उन्होंने कहा, पहले दिन से ही मुझे मुनाफा हुआ. यह एक बेहतरीन साइड बिजनेस है क्योंकि इसमें हर दिन 9 से 5 तक काम करने की जरूरत नहीं होती.

घर-घर जाकर बेचा शहद

अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए एंथनी ने निवेशकों की मदद नहीं ली. उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को शहद चखाया और उनसे उनकी जमीन पर मधुमक्खी के छत्ते लगाने की अनुमति मांगी. कई लोगों ने उनकी बात मान ली और बदले में शहद का हिस्सा लेना स्वीकार कर लिया. एंथनी अब स्थानीय कैफे और छोटे बिजनेस को भी शहद सप्लाई करते हैं. उनका कहना है कि वह लोगों को लोकल हनी के फायदे और महत्व के बारे में जागरूक भी करते हैं.

छात्रों को भी दे रहे ट्रेनिंग

अपने बिजनेस के अलावा एंथनी चाथम यूनिवर्सिटी के ईडन हॉल कैंपस में दो और एपियरी संभालते हैं. यहां छात्रों को सस्टेनेबल प्रैक्टिस और मधुमक्खी पालन का प्रैक्टिकल अनुभव दिया जाता है. उनकी कहानी अब सोशल मीडिया पर लोगों को खूब प्रेरित कर रही है.

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