Viral Video: अफगानिस्तान (Afghanistan) का नाम सुनते ही सबके मन में टैंक, बंदूकें और पाबंदियों की तस्वीरें आती हैं. बीते दिनों अफगानिस्तान से घूमने गई भारतीय महिला ट्रैवलर ने वहां से वापस आने के बाद अपना अनुभव शेयर किया है. महिला ट्रैवलर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में रोते हुए बताया कि इस सफर ने मेरी सोच पूरी तरह बदल दी है. उसने कहा कि 2 मिनट की रील में पूरी सच्चाई नहीं समा सकती है. महिला ने आगे कहा कि यात्रा हमेशा आपको उत्तर नहीं देती. कभी-कभी यह आपको यह अहसास कराता है कि शुरुआत में आप कितना कम जानते थे. मैं उत्तर से अधिक प्रश्न लेकर वापस आई हूं.
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गई वीडियो
भारतीय महिला ट्रैवलर अंकिता कुमार (Ankita Kumar -monkey.inc) ने अफगानिस्तान से जुड़े कई वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, जिसमें वो अलग-अलग जगह पर नजर आ रही हैं. एक वीडियो में अंकिता ने अफगानिस्तान में घूमने के दौरान हुई घटनाओं व अन्य चीजों से जुड़ा अनुभव बताया है. वीडियो में रोते हुए भारतीय ट्रैवलर अंकिता ने बताया कि एक ऐसा देश जहां सड़कों पर टैंक और बंदूकें हैं, सड़कों पर कैश के ढेर पड़े हैं और हर मोड़ पर हथियारों से लैस चेकपॉइंट हैं.
अंकिता ने आगे कहा, "अगर आप चोरी करते पकड़े गए, तो आपका हाथ काट दिया जाएगा. अगर आप किसी को मारते हैं, तो आपको फांसी दे दी जाएगी. अगर आप किसी के साथ कुछ गलत करते हैं, तो आपके साथ भी वैसा ही किया जाएगा जैसा आपने दूसरे व्यक्ति के साथ किया था."
'एक पल में दिल तोड़ सकता है ये देश'
भारतीय महिला ने कहा कि जहां लाखों लोग ऐसे नियमों के तहत रहते हैं जिन्हें उन्होंने कभी नहीं चुना. यहां आने से पहले मुझे लगता था कि मैं इस देश के बारे में सब कुछ जानती हूं, लेकिन यहां आने पर पता चला कि असलियत हेडलाइंस जितनी आसान नहीं है. ऐसे लोग आपको चाय के लिए बुलाते हैं जिनके पास देने के लिए कुछ नहीं है. आप ऐसे पहाड़ों से गुज़रते हैं जो समय के असर से अछूते लगते हैं, ऐसे लोगों से मिलते हैं जिन्होंने दशकों तक युद्ध झेला है और फिर भी हंसने की वजह ढूँढ़ लेते हैं.
यहां के लोग कहते हैं कि उन्हें ये नियम पसंद हैं क्योंकि आखिरकार उन्हें शांति मिली है. ऐसी महिलाओं से मिलिए जो चुपचाप विरोध करके अपनी जगह बना रही हैं. यह एक ऐसा देश है जो एक पल में आपका दिल तोड़ सकता है और अगले ही पल इंसानियत में आपका भरोसा बहाल कर सकता है. क्योंकि हमें दुनिया को सिर्फ़ दो रंगों (सही या गलत) में देखना सिखाया जाता है, लेकिन कुछ जगहें आपको एक साथ कई सच्चाइयों को मानने पर मजबूर कर देती हैं.
'युद्ध के बाद भी नहीं टूटा हौसला'
उसने आगे बताया कि आपको एहसास होता है कि देश उनकी सरकारों जैसे नहीं होते, लोग उनकी राजनीति जैसे नहीं होते, और किसी भी देश को सिर्फ़ एक हेडलाइन से नहीं समझा जा सकता. इस देश ने मुझे सिखाया कि सच्चाई उलझी हुई, पेचीदा, असहज और मानवीय होती है.
सच कहूं तो, यह सोचकर ही मेरा दिल भर आता है कि इस देश ने 50 साल तक युद्ध का सामना किया है, और फिर भी यहां के लोग इतने दयालु हैं. सोचिए, 50 साल के युद्ध ने भी उनके हौसले को नहीं तोड़ा, और पूरे देश में अभी भी लड़ने का जज़्बा बाकी है. लेकिन... मुझे नहीं लगता कि मैंने कभी किसी ऐसी जगह पर इतना जुड़ाव और ऐसी भावनाएँ महसूस की हैं, जो इतनी आम होते हुए भी इतनी खास है.
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