A True British National Dish: भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. साल 1947 में जब अंग्रेज भारत छोड़कर गए, तो जाते-जाते वे यहां के मसालों और खान-पान का एक ऐसा चस्का लेकर गए जो आज तक खत्म नहीं हुआ. जो अंग्रेज कभी भारतीय मिर्च-मसालों के नाम से भी घबराते थे, वे आगे चलकर भारत से जुड़े एक व्यंजन के इस कदर दीवाने हुए कि उसे अपने ही देश का राष्ट्रीय व्यंजन यानी 'नेशनल डिश' मान बैठे.
उस डिश का नाम क्या है?
फूड हिस्टोरियन्स के मुताबिक, इस मशहूर डिश के बनने की कहानी भारत में नहीं, बल्कि सात समंदर पार स्कॉटलैंड के एक शहर में लिखी गई थी. 1970 के दशक में ग्लासगो के 'शीश महल' रेस्तरां में एक अंग्रेज ग्राहक खाना खाने आया. उसने वहां सूखा चिकन टिक्का ऑर्डर किया, लेकिन उसे खाते ही शिकायत की कि यह मीट बहुत ज्यादा सूखा है. रेस्तरां के शेफ अली अहमद असलम ने इस शिकायत को दूर करने के लिए तुरंत किचन में एक नया जुगाड़ किया. उन्होंने वहां रखा टमाटर का सूप, थोड़ी मलाई और कुछ भारतीय गरम मसालों को एक साथ मिलाकर एक गाढ़ी रसीली ग्रेवी तैयार की और उसे चिकन के ऊपर डाल दिया. अंग्रेज को यह स्वाद इतना पसंद आया कि वो अपनी उंगलियां चाटता रह गया. देखते ही देखते यह डिश पूरे ब्रिटेन में 'चिकन टिक्का मसाला' के नाम से मशहूर हो गई.
ग्लोबल स्वाद का देसी रीमिक्स
कुछ हिस्टोरियन्स और फूड क्रिटिक्स का मानना है कि यह डिश धीरे-धीरे यूनाइटेड किंगडम में बांग्लादेशियों द्वारा चलाए जा रहे करी हाउस में बनी, जहां शेफ़ ने ब्रिटिश लोगों के स्वाद के हिसाब से भारतीय रेसिपीज में बदलाव किए. वहीं कुछ लोग इसकी जड़ें दिल्ली के बटर चिकन में देखते हैं और कहते हैं कि टिक्का मसाला, पंजाबी क्लासिक डिश का ही एक ब्रिटिश रीमिक्स है. बहरहाल, चाहे इसे सबसे पहले किसी ने भी बनाया हो, एक बात तो साफ है, चिकन टिक्का मसाला का जन्म अलग-अलग संस्कृतियों के मेल-जोल से हुआ है.
प्लेट से पार्लियामेंट तक की कहानी
'द गार्जियन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया स्वाद अंग्रेजों के बीच इतनी तेजी से पॉपुलर हुआ कि यह वहां के घरों का सबसे पसंदीदा खाना बन गया. ब्रिटैनिका एनसाइक्लोपीडिया के मुताबिक, इस डिश की दीवानगी को देखते हुए साल 2001 में ब्रिटेन के तत्कालीन विदेश मंत्री रॉबिन कुक ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने सरेआम घोषणा की कि चिकन टिक्का मसाला अब ब्रिटेन का एक सच्चा राष्ट्रीय व्यंजन (National Dish) बन चुका है. उन्होंने इसके पीछे यह वजह बताई कि यह डिश इस बात का सबसे अच्छा उदाहरण है कि कैसे ब्रिटेन बाहर की संस्कृतियों और उनके अच्छे खान-पान को अपने समाज में जगह देता है.
बीबीसी की एक पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में हर साल अरबों रुपये का चिकन टिक्का मसाला खाया जाता है और वहां के लगभग हर सुपरमार्केट और पब में यह रेडी-टू-ईट मील के रूप में मिलता है.
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