Viral Video: अमेरिका में रहने वालीं NRI डिजिटल कंटेंट क्रिएटर सारिका ने शुक्रवार को सोशल मीडिया (Sarika In America) पर अपनी नई कार के पूजन का एक वीडियो पोस्ट किया है. इस वीडियो में धोती-कुर्ता पहने पंडित जी गाड़ी के बोनट पर सिंदूर से गणेश जी बनाते और फिर उन पर फूल चढ़ाकर पूजन करने नजर आ रहे हैं. लेकिन जब सारिका उनसे गाड़ी पर 'ॐ' और 'स्वस्तिक' बनवाने की अपनी इच्छा के बारे में बताती हैं तो पंडित जी तुरंत बोनट पर ओम तो बना देते हैं, लेकिन 'स्वस्तिक' बनाने से इनकार कर देते हैं.
अमेरिकी पुजारी ने क्यों नहीं बनाया स्वस्तिक?
इसकी वजह भी सारिका ने 2 मिनट 41 सेकंड के इस वीडियो में बताई है. सारिका कहती हैं, 'पंडित जी के गाड़ी पर स्वस्तिक इसीलिए नहीं बनाया क्योंकि उसे लोग नाजी चिन्ह समझकर गाड़ी में तोड़फोड़ कर सकते हैं. ऐसा सिचुएशन से बचने के लिए पंडित जी ने स्वस्तिक नहीं बनाया.' सारिका बताती हैं कि ये चीज अमेरिका में बहुत कॉमन है. यहां पर अगर जिद करके अपनी गाड़ी पर स्वस्तिक बनाता भी है तो उसे पूजन के बाद ही हटा देता है या फिर कागज पर बनवाकर गाड़ी के अंदर डैशबोर्ड में रखता है.
स्वस्तिक और नाजी सिंबल का पुराना विवाद
विओन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद काफी पुराना है क्योंकि पश्चिमी देशों (विशेषकर अमेरिका और कनाडा) के आम नागरिक और नेता अक्सर सनातन धर्म के पवित्र 'स्वस्तिक' और जर्मनी के तानाशाह हिटलर के 'हाकेनक्रूज़' (टेढ़ा मुड़ा हुआ क्रॉस) के बीच का अंतर नहीं समझ पाते हैं. जहां हिंदू धर्म में स्वस्तिक को सुख, समृद्धि, चार वेदों और शुभ भाग्य का प्रतीक माना जाता है, वहीं पश्चिम के लोग इसे पूरी तरह से क्रूरता और तानाशाही का चिन्ह मानते हैं. इसी वजह से विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों और हिंदू संगठनों (जैसे HinduPACT) को समय-समय पर वहां की सरकारों और स्थानीय लोगों को यह समझाना पड़ता है कि स्वस्तिक एक अत्यंत प्राचीन और शांतिप्रिय धार्मिक प्रतीक है, न कि कोई नाजी सिंबल.
'पूजा देखकर लगा जैसे मैं इंडिया पहुंच गई'
सारिका कहती हैं, 'भले ही मेरे स्वस्तिक वाली इच्छा पूरी नहीं हो पाई हो, लेकिन यूएस में यह पूजा देखकर मुझे लगा जैसे मैं इंडिया पहुंच गई हूं. हमने पहले ही फोन करके पंडित जी से तय तारीख पर आने के लिए बातचीत कर ली थी. यहां मंदिर के बाहर दुकाने नहीं होती हैं, इसीलिए मैं नारियल खुद खरीदकर लाई थी और फूल पंडित जी लेकर आए थे. इंडिया की ही तरह, उन्होंने गाड़ी पर गंगा जल छिड़का और फिर टायर के नीचे नींबू रखकर मेरे पति से काम आगे की तरफ चलाने के लिए कहा. ये सब देखकर मुझे बहुत खुशी हुई.'
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