Trending: क्या आपने कभी सोचा है कि मरे हुए मच्छरों से 3D प्रिंटिंग हो सकती है या अंडरवियर को जमीन में गाड़कर मिट्टी की सेहत जांची जा सकती है? पढ़ने में यह सब भले ही किसी मजाक जैसा लगे, लेकिन दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने असलियत में ये कारनामे किए हैं. 3 सितंबर 2026 को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर में आईजी नोबेल प्राइज 2026 देकर ऐसी 10 हंसाने वाली वैज्ञानिक खोजों को सम्मानित किया है. इसकी पूरी जानकारी इम्पॉबेबल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ने अपनी वेबसाइट पर दी है. आइए जानते हैं उन अजीबोगरीब खोजों के बारे में जिन्होंने पहले हंसाया और फिर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया.
1. अंडरवियर से पता लगाया मिट्टी कितनी उपजाऊ
स्विट्जरलैंड, जर्मनी और नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने खेत की मिट्टी कितनी उपजाऊ है, यह जांचने का एक अनोखा तरीका निकाला. उन्होंने दुनिया के 25 अलग-अलग देशों में एक जैसे 1000 सूती अंडरवियर जमीन में गाड़ दिए. दो महीने बाद जब इन्हें खोदकर निकाला गया, तो यह देखा गया कि मिट्टी के कीड़ों और बैक्टीरिया ने कपड़े को कितना सड़ाया है. कपड़ा जितना ज्यादा सड़ता है, मिट्टी उतनी ही सेहतमंद मानी जाती है.
2. मरे हुए मच्छरों से की 3D प्रिंटिंग
चीन, अमेरिका और मिस्र के वैज्ञानिकों ने मिलकर एक बहुत ही अजीब मशीन बनाई. उन्होंने मरे हुए मच्छरों के डंक को 3D प्रिंटर की नोजल के तौर पर इस्तेमाल किया. इस तकनीक को वैज्ञानिकों ने नेक्रोप्रिंटिंग नाम दिया है, जिससे भविष्य में बारीक मेडिकल औजार बनाए जा सकेंगे.
3. बिना छींटों वाला टॉयलेट डिजाइन किया
अमेरिका, कनाडा, चीन और सऊदी अरब के साइंटिस्टों ने पुरुषों की एक बहुत आम समस्या का हल निकाला है. उन्होंने फिजिक्स और गणित के फॉर्मूलों का इस्तेमाल करके एक ऐसा यूरिनल तैयार किया है, जिसमें टॉयलेट करने पर यूरिन की एक भी बूंद बाहर नहीं छिटकती. इससे पब्लिक टॉयलेट में सफाई रखना बेहद आसान हो जाएगा.
4. गाय के दूध से 3 गुना ताकतवर कॉकरोच का दूध
भारत, फ्रांस, जापान और अमेरिका के वैज्ञानिकों की एक टीम ने कॉकरोच के दूध पर रिसर्च की है. उन्होंने पता लगाया कि बच्चे देने वाले खास कॉकरोच के दूध में मिलने वाला प्रोटीन, सामान्य गाय के दूध के मुकाबले तीन गुना ज्यादा एनर्जी देता है. 11 रिसर्चर्स की इस टीम को संयुक्त रूप से केमिस्ट्री कैटेगरी में विनर चुना गया है.
5. किसिंग की ज्यादा सटीक परिभाषा बताई
इस साल बायोमैकेनिक्स कैटेगरी में पुरस्कार ब्रिटेन और अमेरिका की मटिल्डा ब्रिंडल, कैथरीन टालबोट और स्टुअर्ट वेस्ट को मिला है. इन वैज्ञानिकों ने इस बात पर रिसर्च की कि आखिर 'किस' करना किसे कहते हैं? उन्होंने चींटियों, पक्षियों, पोलर बियर्स और इंसानों का अध्ययन करके बताया कि बिना खाना ट्रांसफर किए, जब दो जीव अपने होठों को एक-दूसरे से छूते हैं और मुंह हिलाते हैं, तो विज्ञान की भाषा में उसे ही चुंबन कहा जाता है.
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6. सांपों पर पैर रखकर चेक किया गुस्से का लेवल
ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने यह जानने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली कि जहरीले सांप इंसानों को कब और क्यों काटते हैं. इसके लिए वैज्ञानिकों ने मजबूत सुरक्षा वाले जूते पहने और दिन के अलग-अलग समय व तापमान पर जहरीले सांपों के ऊपर बार-बार पैर रखकर उनके गुस्से को रिकॉर्ड किया.
7. नाक साफ करने का सही साइंटिफिक तरीका खोजा
यह पुरस्कार जापान के दिवंगत डॉक्टर तोकुजी उन्ना को मेडिसिन कैटेगरी में मरणोपरांत दिया गया. उन्होंने हवा के दबाव और नाक की बनावट के आधार पर एक पूरा साइंस पेपर लिख डाला था, जिसका आसान सा मतलब था- नाक को सही तरीके से कैसे साफ करें.
8. अमीर लोग बच्चों की कैंडी चुराने में आगे होते हैंअमेरिका, मैक्सिको और कनाडा के पॉल पिफ, डैनियल स्टैंकाटो, स्टेफेन कोटे, रुडोल्फो मेंडोज़ा-डेंटन और डाचर केल्टनर को इकोनॉमिक्स कैटेगरी में आईजी अवार्ड दिया गया है. इन वैज्ञानिकों ने इंसानी फितरत पर एक मजेदार रिसर्च की. उन्होंने साबित किया कि जो लोग ऊंचे समाज या अमीर वर्ग से आते हैं, वे आम लोगों की तुलना में ज्यादा अनैतिक काम करते हैं. यहां तक कि वे बच्चों के डिब्बे में रखी टॉफियां चुराने में भी नहीं झिझकते.
9. टीनएज बच्चों की पसीने वाली स्मेल से माता-पिता परेशानपोलैंड, जर्मनी और स्वीडन के वैज्ञानिकों ने सूंघने की कला पर एक सर्वे किया. इसमें सामने आया कि माता-पिता को अपने छोटे बच्चों और शिशुओं की खुशबू बहुत प्यारी लगती है, लेकिन जैसे ही बच्चे टीनएज में पहुंचते हैं, उनके शरीर से आने वाली गंध माता-पिता को बिल्कुल पसंद नहीं आती.
10. दुश्मनों से बदला लेने वाले खतरनाक दोस्त सबको पसंद आते हैंशांति का आईजी नोबेल प्राइज इस बार एक ऐसी खोज को मिला जो इंसानी रिश्तों का एक कड़वा सच बताती है. वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में पाया कि लोग असल जिंदगी में ऐसे दोस्तों को ज्यादा पसंद करते हैं और उनकी कद्र करते हैं, जो उनके दुश्मनों या जिन्हें वे नापसंद करते हैं, उनके साथ बेहद क्रूर और बुरा बर्ताव करते हैं.
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