विज्ञापन

हल्दी लगी, सात फेरे लिए, मांग में सिंदूर भरा... सैकड़ों ग्रामीणों ने नाचते-गाते कराई मेंढक-मेंढकी की शादी

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए ग्रामीणों ने पूरे विधि-विधान से मेंढक-मेंढकी की शादी कराई. इस दौरान हल्दी लगाने से लेकर मांग में सिंदूर भरने तक की हर रस्म निभाई गई.

हल्दी लगी, सात फेरे लिए, मांग में सिंदूर भरा... सैकड़ों ग्रामीणों ने नाचते-गाते कराई मेंढक-मेंढकी की शादी
सूरजपुर में बारिश के मेंढक और मेंढकी की शादी करवाई गई है.
NDTV

Frog Marriage in Surajpur: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के खूंशी इलाके में बुधवार को मेंढक-मेंढकी की धूमधाम से शादी कराई गई. इस अनोखी शादी में वो हर रस्म निभाई गई, जो एक हिंदू विवाह में होती है. एक आम शादी की तरह, इस शादी में भी पहले दिन, समय और तारीख तय की गई, और फिर पूरे गांव के लोगों को निमंत्रण दिया गया है. सभी लोग सुंदर कपड़े पहनकर एक जगह इकट्ठा हुए और विधि-विधान के साथ विवाह का कार्यक्रम शुरू किया गया.

वीडियो में कैद की हर रस्म

इस अनोखे विवाह समारोह की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई, जिसमें कुछ लोग ढोल बजाते नजर आ रहे हैं, जबकि महिलाएं छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर एक-दूसरे से बातें करती दिख रही हैं. वहीं एक पेड़ के नीचे गांव के कुछ पुरुष मेंढक-मेंढकी की विवाह रस्मों को पूरी कराते नजर आ रहे हैं. सबसे पहले मेंढक-मेंढकी को हल्दी लगाई जाती है. इसके बाद उन्हें स्नान कराया जाता है. फिर अग्नि के बजाय ऊंची घास की एक डंडी के चारों तरह उन्हें घुमाकर 7 फेरे दिलवाए जाते हैं. इसके बाद मेंढक के हाथ से मेंढकी की मांग सिंदूर से भरवाई जाती है. यह सब देख लोग तालिया बजाते हैं और डांस करने लग जाते हैं.

Frog Marriage Photos

सूरजपुर में आज हुई मेंढक और मेंढकी की शादी की तस्वीरें.
Photo Credit: NDTV Reporter

क्यों कराई जाती है मेंढक-मेंढकी की शादी?

इस पूरी कवायद के पीछे एक गहरा लोक मान्यता छिपी है. जब मानसून रूठ जाता है, बारिश नहीं होती और फसलें सूखने लगती हैं, तो गांव वाले बारिश के देवता 'इंद्र देव' को मनाने के लिए यह टोटका अपनाते हैं. मान्यता है कि बारिश न होने पर मेंढक-मेंढकी का विवाह कराने से इंद्र देव प्रसन्न हो जाते हैं.

स्थानीय लोगों का मानना है कि जैसे ही यह शादी संपन्न होती है और जोड़े को पास के तालाब या नदी में विदा किया जाता है, वैसे ही आसमान में काले बादल घिर आते हैं और झमाझम बारिश शुरू हो जाती है. विज्ञान के इस दौर में यह मान्यता भले ही अजीब लगे, लेकिन ग्रामीणों के लिए यह उनकी आस्था और प्रकृति से जुड़ने का अपना एक अनूठा तरीका है.

ये भी पढ़ें:- हे भगवान! स्टेटस पर लगाया बेटी के 'नकली नोटों' से खेलने का वीडियो, दोस्त ने असली समझकर लूट लिया घर

ये भी पढ़ें:- भारी बारिश के कारण पानी में डूबा मंडप, फिल्मी 'हीरो' की तरह दुल्हन को गोद में उठाकर दूल्हे ने पूरे किए फेरे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह मान्यता है कि बारिश न होने पर मेंढक-मेंढकी की शादी से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं और बारिश होती है.
हल्दी लगाना, स्नान कराना, सात फेरे लेना और मांग में सिंदूर भरवाना शामिल हैं.
यह शादी बुधवार को छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के खूंशी इलाके में हुई.
बारिश के देवता को खुश करना और मानसून की बारिश को सुनिश्चित करना.
लोग सुंदर कपड़े पहनकर समारोह में शामिल होते हैं, तालियां बजाते हैं और नृत्य करते हैं.
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Zara Hatke, Weird News, Viral News, Monsoon Rain, Chhattisgarh News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com