लाइफलाइन एक्सप्रेस सूरजपुर के विश्रामपुर पहुंची, जिसे 'हॉस्पिटल ऑन व्हील्स' भी कहते हैं. इस ट्रेन में चलता-फिरता मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल है, जिसमें स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के द्वारा इलाज और जरूरत पड़ने पर सर्जरी भी की जाती है. लेकिन, 16 अगस्त को जब यह लाइफलाइन एक्सप्रेस विश्रामपुर पहुंची तो इस तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ से भरा था, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
बारिश के चलते हुए कीचड़ को कम करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से यहां पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे. अव्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ हुआ है. आवागमन को सुगम बनाने के लिए मुरम डलवाई जा रही है. इससे पहले हॉस्पिटल ऑन व्हील्स के शिविर के शुभारंभ पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े और सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

lifeline express hospital on wheels reaches surajpur vishrampur free treatment.
1991 से चल रही लाइफलाइन एक्सप्रेस
पहले दिन 300 लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
सूरजपुर कलेक्टर रेना जमाल ने NDTV से बात करते हुए कहा- "आज से लोगों को लाइफलाइन एक्सप्रेस की सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई हैं. शुरुआती दो घंटों में ही लगभग 300 लोगों ने ओपीडी (OPD) के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जिससे बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दिख रही है. दूर-दराज से आ रहे मरीजों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन व्यवस्थाएं कर रहा है. यहां मुख्य रूप से 6 तरह की बीमारियों- अस्थि रोग, एनीमिया (खून की कमी), ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, बीपी और शुगर का इलाज एक्सपर्ट्स डॉक्टर द्वारा किया जा रहा है. बारिश की वजह से जो कीचड़ हुआ है, उसे तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दे दिए गए हैं."

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लाइफलाइन एक्सप्रेस का 256वां प्रोजेक्ट
लाइफलाइन एक्सप्रेस की ट्रस्टी डॉ. रूही चौगले ने भी NDTV से बात की. उन्होंने कहा- "यह हमारा 256वां प्रोजेक्ट है. 1991 से हम देश के लगभग सभी राज्यों को कवर कर चुके हैं. हमारा मुख्य फोकस उन दूरस्थ ट्राइबल इलाकों पर रहता है जहां ऑपरेशन की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. हम हर साल आदिवासी क्षेत्रों में ऐसे 10 प्रोजेक्ट आयोजित करते हैं. हमारे पास विशेषज्ञ डॉक्टरों की बेहतरीन टीम है और सभी सुविधाएं पूरी तरह से मुफ्त हैं. मरीजों को कैंप तक लाने की जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन की होती है."
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