Viral Video: सिंगापुर से भारत घूमने आया एक युवक भारतीय गांवों में जुगाड़ के फॉर्मूले का दीवाना हो गया. विदेशी टूरिस्ट ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने बताया कि भारत में आपके प्लान अक्सर बदल जाते हैं. यहां की भागदौड़ जिंदगी के बीच उसने एक शब्द सीखा है, जिसने उसने उसकी पूरी सोच को बदल दी. उसने वीडियो में बताया कि यह एक ऐसी चीज़ है जिसकी मैं भारत में बहुत तारीफ़ करती हूं और जिसे मैंने अब अपनी ज़िंदगी में भी अपनाया है.
भारत में 6 साल तक रहा विदेशी टूरिस्ट
विदेशी टूरिस्ट का नाम Rodrigo Canelas है, वह यूट्यूबर पर एक शो होस्ट करता है. एक वीडियो में उन्होंने बताया कि भारत में 6 साल से ज्यादा समय तक रहा. इतने लंबे समय भारत में रहने के कारण के बारे में विदेशी युवक ने कहा कि भारत में लंबे समय तक रहने कई कारण हैं, लेकिन मैं 3 पर ध्यान देना चाहता हूं. पहला है आध्यात्मिकता. भारत के प्राचीन ज्ञान ने मुझे जीवन और खुद के बारे में ऐसी समझ दी जो मुझे कहीं और नहीं मिल सकती थी.
दूसरा है यहां के लोग, लोग बहुत मिलनसार हैं और मुझे लगता है कि भारतीय बहुत अच्छे मेज़बान होते हैं. और आखिरी बात, जिसे बताना मुश्किल है, लेकिन यह ऊर्जा के बारे में है. जब मैं सड़कों पर चलता हूं, तो मुझे वह जीवंतता महसूस होती है, जहां सब कुछ एक-दूसरे से जुड़ा हुआ लगता है. साथ ही मुझे लगता है कि भारत में कुछ नया बनाने की ऊर्जा है, चाहे वह बिज़नेस हो, प्रोजेक्ट्स हों या आइडियाज़. मुझे यह बहुत पसंद है.
भारत के जुगाड़ फॉर्मूले के कायल हुए Rodrigo
एक वीडियो में सिंगापुर के Rodrigo ने भारत में जुगाड़ सिस्टम को लेकर बात की है. Rodrigo ने बताया कि यहां की भाग-दौड़ और चाय के बीच मैंने एक शब्द सीखा जिसने मेरी सोच बदल दी. अपने देश में, जब कुछ गलत होता है, तो सबसे पहले हम सही समाधान खरीदने की सोचते हैं. यहां पहला सवाल यह होता है, मेरे पास अभी क्या-क्या है? यह एक सवाल अपने आप में एक पूरी सोच है.
भारत का यह फॉर्मूले का काफी पसंद
विदेशी टूरिस्ट ने कहा कि जुगाड़ का मतलब शॉर्टकट नहीं है. इसका मतलब है कि किसी चीज़ की कमी आपको रोक न पाए. समय कम हो, औज़ार कम हों, फिर भी काम हो जाता है. मैं इस सोच को अपने साथ घर ले जा रहा हूं. अगली बार जब ज़िंदगी में कोई मुश्किल आएगी, तो मैं खुद से पूछूंगा कि मेरे पास काम करने के लिए क्या-क्या मौजूद है. उसने वीडियो में कहा कि भारत में मैंने एक बहुत ज़रूरी चीज़ सीखी, वह है जुगाड़ का कॉन्सेप्ट.
यह भी पढ़ें | दूरदर्शन का 80s का मशहूर न्यूज रीडर दिल्ली मेट्रो में किया सफर, तभी हुई अनाउंसमेंट और शॉक्ड रह गया नन्हा पोत
पेड़ से लटक रहे एक झूले को दिखाते हुए वह कहते हैं, यह एक झूला है और आप देख सकते हैं कि उन्होंने इसे कैसे बनाया है? यह एक ऐसी चीज़ है जिसकी मैं भारत में बहुत तारीफ़ करता हूं और मैंने अब अपनी ज़िंदगी में भी अपनाया है. बात यह है कि ज़िंदगी में चाहे कोई भी रुकावट या समस्या आए, आप हमेशा उससे निपटने का कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं. तो जुगाड़ एक ज़बरदस्त कॉन्सेप्ट है जो मुझे भारत से बहुत पसंद आया.
यह भी पढ़ें | भारतीय रेलवे के फर्स्ट AC कोच में सफर करने वाली महिला बोली- ये एक्स्पेक्ट नहीं किया था
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं