मोहाली:
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट विश्व कप सेमीफाइनल में पाकिस्तान पर 29 रन की जीत के बाद कहा कि उन्होंने पिच को पढ़ने में गलती की, लेकिन अंत में यह चूक टीम इंडिया के लिए फायदेमंद साबित हुई। मोहाली के पीसीए स्टेडियम की पिच से तेज गेंदबाजों को अधिक मदद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अंत में यह स्पिनरों के लिए भी काफी मददगार रही, क्योंकि गेंद धीमी और नीची रह रही थी। धोनी ने पाकिस्तान को हराने के बाद कहा, हमने पिच को पढ़ने में गलती की और यही कारण है कि हम तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरे, लेकिन अंत में यह गलती हमारे लिए फायदेमंद रही और हमारे तेज गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने कहा, हमारे तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, जबकि स्पिनरों ने भी अच्छी गेंदबाजी की। हमारे पास ऐसे गेंदबाज नहीं हैं, जो 140 किमी प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार से लगातार गेंदबाजी कर सकें, इसलिए लाइन और लेंग्थ के साथ गेंदबाजी करना अहम था। मुनाफ, नेहरा और जहीर सभी ने अच्छी गेंदबाजी की। भारत की ओर से पांचों गेंदबाजों- जहीर खान, मुनाफ पटेल, आशीष नेहरा, हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट चटकाए। भारतीय कप्तान ने शानदार शुरुआत दिलाने के लिए आक्रामक बल्लेबाजी वीरेंद्र सहवाग और अनुभवी सचिन तेंदुलकर की सलामी जोड़ी की भी जमकर तारीफ की।
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