पटना:
दादा और पोता एक ही साल में और एक ही कक्षा की परीक्षा में शामिल हों तो आपको सुनने में अटपटा तो जरूर लगेगा लेकिन ऐसा हकीकत में हुआ है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा राज्यभर में आयोजित मैट्रिक की परीक्षा में नवादा के एक परीक्षा केंद्र में ऐसा ही दृश्य देखने को मिल रहा है। यहां दादा और पोता दोनों मैट्रिक की परीक्षा दे रहे हैं। नवादा के गनौरी राम शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर 52 वर्षीय रामप्रसाद खुद तो मैट्रिक की परीक्षा दे ही रहे हैं उनके साथ उनके रिश्ते का पोता 14 वर्षीय राहुल कुमार भी परीक्षा दे रहा है। कृषि कार्य करने वाले परीक्षार्थी रामप्रसाद कहते हैं कि उन्होंने सुना था की शिक्षा ग्रहण करने की कोई उम्र नहीं होती। प्रारम्भ में जब उन्होंने बिना मैट्रिक कहलाने का ठप्पा हटाने के लिए मैट्रिक की परीक्षा देने की सोची तो गांव के लोगों के साथ उन्हें भी यह अटपटा लगा था लेकिन अब वह गर्व महसूस कर रहे हैं। वह कहते हैं कि वह बहुत लंबे समय से मैट्रिक पास करना चाहते थे। वह कहते हैं कि सभी को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार है तो फिर किसी भी उम्र में पढ़ाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत भी की है। वह दावे के साथ कहते हैं कि वह परीक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होंगे। इधर, उनका पोता भी अपने दादा के साथ परीक्षा देकर खुश हैं। उसका कहना है कि अब उनकी तीनों पीढ़ी मैट्रिक पास कहलाएंगी।परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक एस़ प्रजापति भी इसे सही कदम बताते हैं। वह कहते हैं कि परीक्षा देने की कोई उम्र नहीं होती। वह कहते है कि रामप्रसाद के प्रवेश कार्ड में उनकी जन्म तिथि एक दिसम्बर 1957 दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी पहल है।
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