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बेटियों को पढ़ाने के लिए पिता ने 35 सालों तक चलाया ऑटो, इस पिता के संघर्षों को जानकर छलक जाएंगे आंखों से आंसू

सोशल मीडिया इन दिनों एक पिता के संघर्ष और त्याग की कहानी लोगों का दिल जीत रही है, जिन्होंने अपनी बेटियों के सपनों को पूरा करने और उनकी पढ़ाई के लिए अपनी पूरी कमाई लगा दी. जो पिछले 35 सालों से ऑटो चलाकर एक-एक रुपया जोड़ रहे हैं, ताकि उनकी बेटियां आगे बढ़ सकें.

बेटियों को पढ़ाने के लिए पिता ने 35 सालों तक चलाया ऑटो, इस पिता के संघर्षों को जानकर छलक जाएंगे आंखों से आंसू
दहेज नहीं बेटियों की पढ़ाई में किया निवेश, एक पिता की अनकही कहानी, वायरल हुआ वीडियो
Photo- arthasfirstbites

Inspiring father daughter story: आज भी कई जगहों पर जन्म बेटी का जन्म होता है, तो रिश्तेदारों के मुंह बनने लगते हैं. हालांकि धीरे-धीरे ही सही पर अब ये सोच बदल रही है. कई घरों में बेटी के जन्म से ही माता-पिता शादी के लिए पैसा जोड़ना शुरू कर देते हैं, लेकिन बेंगलुरु के एक पिता ने अपनी कमाई बेटियों की पढ़ाई पर लगा दी. पिछले 35 सालों से ऑटो चला रहे यह पिता अपनी बेटियों के साथ खड़े हैं. वो उन्हें साहस दे रहे हैं और आगे बढ़ने का जज्बा भी. उनका यही जज्बा आज कई लोगों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है. रात-दिन एक कर के इस पिता ने अपनी मेहनत से अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश की है. अब इस पिता के इसी त्याग और संघर्ष की कहानी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है.

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बेटियों को दिया पढ़ाई का तोहफा (Investing in daughter's education)

जिस बेटी को पंख देने के लिए पिता ने घंटों पसीना बहाकर एक-एक रुपया जोड़ा है. आज उसी बेटी ने इंटरनेट पर वीडियो शेयर कर पिता के संघर्षों की पूरी दास्तान बयां की है. वीडियो में बेटी ने बताया कि, उसके पिता पिछले 35 सालों से ऑटो चला रहे हैं. बेटी ने बताया कि किस तरह पिता की मेहनत और संघर्ष की वजह से आज वो अपने पैरों पर खड़ी हो पाई है. आगे बताया कि, बेंगलुरु जाते हुए उसके पिता आज भी उसे बस स्टॉप तक अपने ऑटो में छोड़ते हैं. उन्होंने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा, बल्कि आजादी का ऐसा तोहफा दिया है, जिसके चलते आज वह अपने करियर में पूरी तरह सेट हो पाई हैं. जो लोग आज भी बेटियों को पढ़ाने से कतराते हैं, उन्हें इन पिता से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है.

मुश्किल समय में बने सहारा (A father as the greatest support)

कोविड के दौर में जब काम कम था, सब कुछ बंद हो चुका था. उस वक्त पिता के त्यागों के बदले बेटियां पिता की ढाल बनीं और उन्हें एक फार्म गिफ्ट किया. वह इस फार्म की देखभाल करते, फल उगाते, लेकिन इन सबके बीच उन्होंने ऑटो चलाना नहीं छोड़ा. एक समय ऐसा भी आया, जब बेटी मां बनी और नौकरी छोड़ने की नौबत आ गई. ऐसे में पिता ने बेटी का साथ दिया और कहा, 'तुम काम जारी रखो, मैं और तुम्हारी मां सब संभाल लेंगे.' सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर इस दिल छू लेने वाले वीडियो को Arthasfirstbites नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. वीडियो देख चुके यूजर्स कमेंट सेक्शन में भर-भर कर रिएक्शन देते हुए अपना प्यार लुटा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, 'कमाल की स्टोरी है.' दूसरे यूजर ने लिखा, 'तुम्हें अपने पेरेंट्स पर गर्व होना चाहिए.' 

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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)

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