JK Rowling Success Story: हैरी पॉटर के जरिए हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड में जादू की दुनिया से मिलवाने वाली लेखिका जे.के. रोलिंग ( JK Rowling) की जिंदगी काफी फिल्मी लगती है. कभी गरीबी के साये में अपनी जिदगी बिताने वाली जे.के. रोलिंग आज 11000 करोड़ रुपये की नेट वर्थ की मालकिन हैं, लेकिन उनकी जिदगी में एक ऐसा भी पल था जब वह सरकारी पेंशन से गुजारा करती थीं, लेकिन 1990 में लिखने के दौरान उन्हें एक जादुई कहानी सूझी जो पॉपुलर हो गई और 7 साल बाद, उसी की बदौलत आज वह अरबों की मालकिन हैं.
कैसे आया हैरी पॉटर लिखने का आईडिया
बात 1990 के दशक के मध्य की है. मैनचेस्टर से लंदन जाने वाली एक ट्रेन अपने तय समय से 4 घंटे लेट थी. बोगी में बैठी एक 25 साल की महिला खिड़की से बाहर देखते हुए सिर्फ सोच रही थी. उसके पास न तो अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए कोई गैजेट था और न ही पेपर पर लिखने के लिए कोई चालू पेन. लेकिन उसी ट्रेन के शोर के बीच, उनके दिमाग में एक काले बालों वाले, चश्मे वाले छोटे जादूगर लड़के की तस्वीर पहली बार उभरी.

16 अक्टूबर 1992 को शादी की थी
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जब जिंदगी हर मोड़ पर दे रही थी धोखा
ट्रेन के उस सफर के बाद रोलिंग की जिंदगी में अगले कुछ सालों में उनकी जिदगी में मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा. 30 दिसंबर 1990 में उनकी मां का निधन हो गया, जिसने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था. इसके बाद उनकी पहली शादी 17 नवंबर 1993 को टूटी थी, जब उन्होंने अपने पुर्तगाली पति जॉर्ज अरांतेस (Jorge Arantes) का घर छोड़ा था. उन्होंने 16 अक्टूबर 1992 को शादी की थी और लगभग 13 महीने बाद गंभीर समस्याओं के चलते वह अपनी बेटी के साथ अलग हो गईं थीं. इसके बाद वह एडिनबर्ग (स्कॉटलैंड) के एक ठंडे, छोटे से कमरे में वे सरकारी पेंशन और सोशल वेलफेयर के भरोसे अपनी बच्ची का पेट पाल रही थीं.
डॉक्टरों ने उन्हें क्लीनिकल डिप्रेशन का शिकार बताया. हालत यह थी कि वे एडिनबर्ग के एक छोटे से कैफे (The Elephant House) में जाकर बैठ जाती थीं, सिर्फ इसलिए कि अपनी सोई हुई बच्ची को कैफे की गर्माहट में सुला सकें और खुद एक कप कॉफी के सहारे पन्नों पर हाथ से मैजिक वर्ल्ड उकेर सकें.

12 बड़े पब्लिशिंग हाउसेज ने किया था रिजेक्ट
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12 पब्लिशर्स ने किया था रिजेक्ट
जब 1995 में 'Harry Potter and the Philosopher's Stone' का पहला ड्राफ्ट तैयार हुआ, तो कोई भी पब्लिशर इस किताब को छापने को तैयार नहीं था. एक के बाद एक, 12 बड़े पब्लिशिंग हाउसेज ने इसके ड्राफ्ट को ठुकरा दिया. इसके बाद साल 1997 में लंदन के Bloomsbury नाम के एक छोटे पब्लिशिंग हाउस के चेयरमैन ने अपनी 8 साल की बेटी अलिस को इस किताब का पहला चैप्टर पढ़ने को दिया. बच्ची ने पढ़कर बस इतना ही कहा- चपापा, यह अब तक की सबसे बेहतरीन चीज है.
पब्लिशर ने रोलिंग को एडवांस के तौर पर करीब £1,500 (लगभग 1.5 लाख रुपये) का चेक थमाया और कहा- 'मैडम, कोई फुल-टाइम नौकरी ढूंढ लीजिए, बच्चों की किताबों से घर नहीं चलता'

हैरी पॉटर सीरीज
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26 साल बाद बना 11,000 करोड़ की मालकिन
आज, 26 साल बाद हैरी पॉटर सीरीज का अनुवाद पूरी दुनिया की भाषाओं में हो चुका है. यह इतिहास की सबसे ज्यादा बिकने वाली बुक सीरीज बन चुकी है. हॉलीवुड फिल्में, थीम पार्क्स, मर्चेंडाइज और ब्रॉडवे शोज को मिलाकर आज जे.के. रोलिंग की कुल संपत्ति 1 अरब डॉलर (लगभग 11,000 करोड़ रुपये) से अधिक आंकी जाती है. वे दुनिया की पहली ऐसी लेखिका बनीं जो सिर्फ किताबें लिखकर अरबपति बनीं.
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