
जिन लोगों को हवाई यात्रा से डर लगता है या जो प्लेन में बैठते ही घबरा जाते हैं उनके लिए एक बुरी खबर है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण वायु में गंभीर अशांति (Turbulence) और अधिक बढ़ने वाली है. रीडिंग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने जर्नल ऑफ द एटमॉस्फेरिक साइंसेज में प्रकाशित नए अध्ययन में इस बात पर प्रकाश डाला है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हवा स्थिरता कम होने वाली है, जिससे वायुमंडल असामान्य हो जाएगा. आइए जानते हैं आखिर क्या है टर्बूलेंस और शोधकर्ताओं ने भविष्य में होने वाले इसके क्या प्रभाव बताए हैं.
वैज्ञानिकों ने किया अध्ययन (Nervous Flyer Turbulence In Planes)
नए वैश्विक जलवायु मॉडलों में से 26 का उपयोग करके अध्ययन किया जा रहा है और यह पता किया जा रहा है कि तापमान में वृद्धि से लगभग 35,000 फीट की ऊंचाई पर (जहां विमान आमतौर पर स्पीड पकड़ता है) जेट स्ट्रीम पर क्या प्रभाव पड़ता है. हालांकि, तापमान में वृद्धि के कारण इस क्षेत्र में गड़बड़ी होने लगती है, जिससे विमान की ऊंचाई में अचानक परिवर्तन होता है, जिससे यात्री विमान के केबिन के चारों ओर उछलने लगते हैं और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है, यहां तक कि मौत भी हो जाती है.
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क्या बोले एक्सपर्ट ? (Expert on Turbulence )
अध्ययन के लेखक प्रोफेसर पॉल विलियम्स ने कहा, 'बीते कुछ सालों में इस तरह की घटनाएं हुई हैं, जिनसे यात्रियों को गंभीर चोटें पहुंची हैं और कुछेक की तो मौत भी हुई है. उनका कहना है कि अब पायलट को उड़ान के दौरान सीट बेल्ट के संकेतों को अधिक समय तक चालू रखना पड़ सकता है और केबिन सेवा को अधिक बार स्थगित करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि एयरलाइनों को भी नई टेक्नोलॉजी की जरूरत होगी, जिससे कि वे आसमान में होने वाली इन असामान्य स्थिति का पता लगा सकें और यात्रियों की सुरक्षा कर सकें, क्योंकि आसमान में इस तरह की स्थिति बढ़ती जा रही हैं.
2050 तक कैसी होगी स्थिति ? (Turbulence in 2025)
शोधकर्ताओं ने आसमान में हवा के मीडियम और हाई उत्सर्जन दोनों का ही अध्ययन किया है. इसमें उन्हें पता चला कि 2050 तक CO2 उत्सर्जन का स्तर लगभग दोगुना हो जाएगा और साल 2100 तक औसत वैश्विक तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा. इसके अलावा, यह समस्या उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्धों को प्रभावित करेगी, जिसका मतलब यह है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि विमान किस कमर्शियल रूट पर उड़ान भर रहा है.
टर्बुलेंस स्थिति क्या होती है? (What is Turbulence)
'टर्बुलेंस' को आसान भाषा में समझे तो इसका मतलब है आसमान में हवा का उथल-पुथल होना. हवाओं का दबाव तेज होना. ये हवाएं विमानों को उड़ान के दौरान झटके लगने का कारण बनती है, जो कि हवा के दबाव और गति में अचानक परिवर्तन के कारण होता है, जिससे विमान हिलने-डुलने लगता है और यात्रियों को बड़ी घटना का सामना करना पड़ जाता है.
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