विज्ञापन

30 करोड़ साल पुराना ‘दुनिया का सबसे पुराना ऑक्टोपस’ निकला कुछ और, पकड़ी गई वैज्ञानिकों की गलती, सामने आया सच

300 मिलियन साल पुराने ‘ऑक्टोपस’ फॉसिल का सच सामने आया है. नई स्कैनिंग तकनीक से पता चला कि यह ऑक्टोपस नहीं बल्कि नॉटिलॉइड था, जिससे जीवों के विकास की कहानी बदल गई है.

30 करोड़ साल पुराना ‘दुनिया का सबसे पुराना ऑक्टोपस’ निकला कुछ और, पकड़ी गई वैज्ञानिकों की गलती, सामने आया सच
दुनिया का सबसे पुराना ऑक्टोपस निकला फर्जी? नए शोध ने चौंकाया

30 करोड़ साल पुराने एक फॉसिल को अब तक दुनिया का सबसे पुराना ऑक्टोपस माना जाता था. इस जीव का नाम Pohlsepia mazonensis था, जो अमेरिका के इलिनोइस में मिला था. इसकी बनावट में आठ भुजाएं और पंख जैसे हिस्से दिखते थे, इसलिए वैज्ञानिकों ने इसे ऑक्टोपस मान लिया था. लेकिन, अब नई तकनीक से किए गए स्कैन ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है.

नए स्कैन में क्या पता चला?

वैज्ञानिकों ने इस फॉसिल का अध्ययन आधुनिक सिंक्रोट्रॉन इमेजिंग तकनीक से किया. इस जांच में उन्हें एक खास संरचना मिली, जिसे रैडुला कहा जाता है. रैडुला दरअसल छोटे-छोटे दांतों जैसी संरचना होती है, जो मोलस्क (घोंघा, ऑक्टोपस जैसे जीवों के समूह) में पाई जाती है. इस फॉसिल में रैडुला की हर पंक्ति में 11 दांत जैसे हिस्से मिले. ऑक्टोपस में आमतौर पर 7 या 9 दांत होते हैं. जबकि नॉटिलॉइड (Nautiloid) में 11 दांत पाए जाते हैं. यहीं से वैज्ञानिकों को समझ आया कि यह ऑक्टोपस नहीं, बल्कि नॉटिलॉइड था.

असल में क्या था यह जीव?

नई रिसर्च के अनुसार, पोहलसेपिया माज़ोनेंसिस एक नॉटिलॉइड था- यानी ऐसा समुद्री जीव, जो आज के Nautilus से जुड़ा हुआ है और जिसके पास खोल (shell) होता है. शोधकर्ताओं का मानना है, कि यह जीव मरने के बाद कई हफ्तों तक सड़ता रहा, जिससे इसकी बनावट बदल गई और यह ऑक्टोपस जैसा दिखने लगा.

वैज्ञानिकों ने क्या कहा?

इस शोध के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. थॉमस क्लेमेंट्स ने कहा कि यह फॉसिल असल में कभी ऑक्टोपस था ही नहीं, बल्कि नॉटिलस का रिश्तेदार था. उन्होंने यह भी बताया कि नई तकनीकों की मदद से पुराने फॉसिल्स की सच्चाई सामने लाई जा सकती है, जो पहले संभव नहीं था.

ऑक्टोपस के इतिहास पर क्या असर पड़ा?

इस खोज से एक बड़ा बदलाव यह हुआ है कि ऑक्टोपस के अस्तित्व का समय अब पहले से बाद का माना जाएगा. वैज्ञानिकों के अनुसार, ऑक्टोपस संभवतः जुरासिक काल में विकसित हुए. इसके अलावा, यह खोज नॉटिलॉइड के सॉफ्ट टिश्यू (नरम ऊतक) के सबसे पुराने प्रमाण को 22 करोड़ साल पीछे ले जाती है.

क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?

यह रिसर्च दिखाती है कि पुराने वैज्ञानिक निष्कर्ष हमेशा अंतिम नहीं होते. नई तकनीक से इतिहास की कई गलतियां सुधारी जा सकती हैं. जीवों के विकास (evolution) को समझने में ऐसे अध्ययन बेहद अहम हैं.

यह भी पढ़ें: हवा में बहता पानी! केरल का ये ‘वॉटर ब्रिज'दिखता है जन्नत जैसा, लेकिन यहां जाना पड़ सकता है भारी!

12 हजार साल पुराने पासों ने खोला बड़ा राज, इंसान बर्फ युग में ही खेलने लगा था जुए के खेल! खोज से दुनिया हैरान

80 लाख रुपये के पैकेज में 40 लाख सिर्फ ‘किडनैपिंग इंश्योरेंस'! IIM प्लेसमेंट का ऑफर सुनकर चौंके लोग

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Pohlsepia Mazonensis, Oldest Octopus Fossil, Nautiloid Discovery
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com