Pangong frozen marathon: लद्दाख की कड़ाके की ठंड और ऊंचाई की चुनौतियों के बीच करीब 250 धावकों ने पांगोंग फ्रोज़न मैराथन में हिस्सा लेकर साहस और जुनून का परिचय दिया है. यह मैराथन जमी हुई पांगोंग झील पर आयोजित की गई, जो समुद्र तल से 14,272 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.
दो दिन तक चला रोमांच
दो दिवसीय मैराथन की शुरुआत मंगलवार से हुई. पहले दिन 42 किमी और 10 किमी की श्रेणियों में प्रतियोगिता आयोजित की गई. पहले दिन 42 किमी कैटेगरी में 46 धावकों ने हिस्सा लिया, जबकि 10 किमी रेस में 185 रनर्स ने अपनी क्षमता आजमाई. दूसरे दिन 22 किमी और 6 किमी की दौड़ आयोजित की गई, जिसमें करीब 250 धावकों ने 21 किमी और 5 किमी श्रेणियों में भाग लेकर जमी झील पर दौड़ लगाई.
देखें Video:
#WATCH | Pangong Frozen Lake Marathon 2026 concluded at the Pangong Tso lake in Leh, Ladakh, at an altitude of 14,272 feet. (25.02) pic.twitter.com/Nef4VtOIg9
— ANI (@ANI) February 25, 2026
ऊंचाई और ठंड बनी सबसे बड़ी चुनौती
14,270 फीट की ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर कम होता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है. इसके अलावा जमी हुई झील की सतह पर दौड़ना अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण अनुभव है. फिर भी धावकों का उत्साह कम नहीं हुआ. उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद इस अनोखी मैराथन में भाग लेकर रोमांचक अनुभव हासिल किया.
किनके सहयोग से हुआ आयोजन
इस मैराथन का आयोजन ‘द थिन आइस एडवेंचर' द्वारा केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख सरकार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (सर्वो) और अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर किया गया. पांगोंग फ्रोज़न मैराथन को दुनिया की अनोखी और चुनौतीपूर्ण रेसों में गिना जाता है, जहां धावक बर्फीली झील पर दौड़ते हैं. यह आयोजन एडवेंचर स्पोर्ट्स और पर्यटन को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाता है.
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