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सऊदी अरब में हूती का बड़ा हमला, एयरपोर्ट- तेल रिफाइनरी पर मिसाइलें दागीं, क्या पाकिस्तान-तुर्की बचाएंगे

हूतियों ने सऊदी अरब पर यह हमला ऐसे समय पर किया है जब यमन में लड़ाई तेज हो गई है. सऊदी अरब के समर्थन वाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने ईरान के सपोर्ट वाले हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया है.

सऊदी अरब में हूती का बड़ा हमला, एयरपोर्ट- तेल रिफाइनरी पर मिसाइलें दागीं, क्या पाकिस्तान-तुर्की बचाएंगे
हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले की जिम्मेदारी ली है
  • ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है
  • सऊदी अरब के तेल और गैस उत्पादन से जुड़ी कई सुविधाएं हूतियों के हमले में प्रभावित हुई हैं
  • हूतियों ने अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और अरामको कंपनी को निशाना बनाया है

ईरान के समर्थन वाले यमन के हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर हमला कर दिया है. सऊदी के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर किए गए हूती हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं. सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि देश के दक्षिणी प्रांत में मौजूद तेल और गैस उत्पादन से जुड़ी कई सुविधाओं को हूतियों ने निशाना बनाया. इस तरह हूती विद्रोहियों ने सऊदी के इस्लामिक नाटो कहे जाने वाले मक्का समझौते को को बड़ी चुनौती दे दी है जिसमें पाकिस्तान के बाद अब तुर्की भी शामिल हो चुका है. वजह है कि मक्का समझौते के तहत किसी भी एक देश पर हमला सबपर हमला माना जाएगा.

हूतियों ने यह हमला ऐसे समय पर किया है जब यमन में लड़ाई तेज हो गई है. सऊदी अरब के समर्थन वाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से इलाके वापस लेने के लिए जवाबी सैन्य अभियान शुरू किया है. वहीं हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि सऊदी अरब ने कई जगहों पर हमले किए, जिसमें एक जेल पर किया गया घातक हमला भी शामिल है. इस हमले में 11 लोगों की मौत हुई.

हूतियों ने हमले की जिम्मेदारी ली

हूती विद्रोही यमन के सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाकों और देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं. उन्होंने सऊदी अरब पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली है. हूतियों ने कहा कि उन्होंने अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और सरकारी तेल कंपनी अरामको से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया. ये हमले अभा और जिजान में किए गए, जो सऊदी अरब और यमन के लगने वाले बॉर्डर के पास हैं.

सऊदी अरब का जवाब

दूसरी तरफ, सऊदी अरब ने हाल में फिर शुरू हुई इस लड़ाई का कड़ा जवाब देने की बात कही है. सऊदी अधिकारियों और सरकारी मीडिया के मुताबिक, हूती हमलों के कारण कई जगहों पर आग लग गई और कुछ कामकाज को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में सऊदी अरब की तेल से जुड़ी सुविधाएं आग की चपेट में दिखीं. इन सुविधाओं को हूती ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया था.

यह यमन में चल रहे लंबे गृहयुद्ध में चार साल के युद्धविराम के जुलाई में खत्म होने के बाद हूतियों का सबसे बड़ा हमला था. सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सऊदी अरब अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा. मंत्रालय ने हूती हमलों और लाल सागर में जहाजों पर हो रहे हमलों को रोकने की मांग भी की.

यमन की ओर से विद्रोहियों को चेतावनी

सऊदी अरब के नेतृत्व वाला एक गठबंधन 2015 से यमन सरकार की ओर से हूतियों के खिलाफ लड़ रहा है. इस गठबंधन ने कहा कि वह इन नए हमलों का जवाब देगा. गठबंधन की ज्वाइंट फोर्सेज कमांड ने कहा कि आतंकवादी हूती मिलिशिया के बेवजह किए गए हमलों में, जिनमें हालिया हमले नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर किए गए, 73 नागरिक घायल हुए हैं. कमांड ने आगे कहा कि खतरे के सोर्स को जवाब देने और उसके खतरे को खत्म करने के लिए सभी जरूरी कदम और कार्रवाई की जाएगी.

सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ता तनाव

हूती विद्रोही जुलाई में सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी का ऐलान करने के बाद से सऊदी अरब की ओर हमले कर रहे हैं. इन हमलों में लाल सागर में मौजूद सऊदी जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. सऊदी अरब के नेतृत्व वाले यमन गठबंधन के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि हाल की स्थिति “खतरनाक” है. उन्होंने कहा कि हूतियों ने दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक और असल में ओपेक के प्रमुख देश सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर हमला किया है.

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