
पेरिस:
पेरिस में शुक्रवार को हुए हमलों में इस्तेमाल किए गए आत्मघाती जैकेट उच्च दक्षता प्राप्त पेशेवरों ने तैयार किए थे, जो अब भी यूरोप में कहीं छिपे हो सकते हैं। फ्रांस में पहली बार इस तरह के आत्मघाती हमले किए गए।
खुफिया और सुरक्षा विशेषज्ञों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सभी सात आतंकियों ने एक जैसे विस्फोटक जैकेट पहने थे और उन्होंने खुद को उड़ाने में संकोच नहीं किया, जिससे फ्रांस को निशाना बनाने में जेहादियों की रणनीति में आए चिंताजनक बदलाव का पता चलता है।
लंदन में 2005 में हुए हमलों में हमलावरों के विस्फोटक उनके पीठ पर लदे बैग में भरे थे। इसके उलट पेरिस में हुए हमलों में हमलावरों ने जिस तरह के आत्मघाती जैकेटों का इस्तेमाल किया था, उनका आमतौर पर पश्चिम एशिया में बमबारियों में इस्तेमाल किया जाता है।
फ्रांस के एक पूर्व खुफिया प्रमुख ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर कहा, 'आत्मघाती जैकेटों के निर्माण के लिए युद्ध सामग्री विशेषज्ञ की जरूरत होती है। कोई भी ऐसे ही एक विश्वसनीय और असरदार विस्फोटक नहीं बना सकता।' उन्होंने कहा, 'युद्ध सामग्री विशेषज्ञ विस्फोटकों का पूरी तरह जानकार होता है, जिसे पता होता है कि उन्हें कैसे बनाया जाए, किस तरह से व्यवस्थित किया जाए ताकि बेल्ट या जैकेट इतना भारी ना हो जाए कि हमलावर को चलने में दिक्कत हो।'
पूर्व खुफिया प्रमुख ने कहा, 'और इस पर भी ध्यान देना होता है कि वह (जैकेट) दुर्घटनावश पहले ही ना उड़ जाए।' एक दूसरे पूर्व अधिकारी ने कहा, 'इस तरह के विशेषज्ञ यहीं (यूरोप में) हैं जो आत्मघाती जैकेट बना सकते हैं और दूसरों को हमलों के लिए तैयार कर सकते है।’’ सेवानिवृत्त खुफिया प्रमुख ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है।
खुफिया और सुरक्षा विशेषज्ञों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सभी सात आतंकियों ने एक जैसे विस्फोटक जैकेट पहने थे और उन्होंने खुद को उड़ाने में संकोच नहीं किया, जिससे फ्रांस को निशाना बनाने में जेहादियों की रणनीति में आए चिंताजनक बदलाव का पता चलता है।
लंदन में 2005 में हुए हमलों में हमलावरों के विस्फोटक उनके पीठ पर लदे बैग में भरे थे। इसके उलट पेरिस में हुए हमलों में हमलावरों ने जिस तरह के आत्मघाती जैकेटों का इस्तेमाल किया था, उनका आमतौर पर पश्चिम एशिया में बमबारियों में इस्तेमाल किया जाता है।
फ्रांस के एक पूर्व खुफिया प्रमुख ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर कहा, 'आत्मघाती जैकेटों के निर्माण के लिए युद्ध सामग्री विशेषज्ञ की जरूरत होती है। कोई भी ऐसे ही एक विश्वसनीय और असरदार विस्फोटक नहीं बना सकता।' उन्होंने कहा, 'युद्ध सामग्री विशेषज्ञ विस्फोटकों का पूरी तरह जानकार होता है, जिसे पता होता है कि उन्हें कैसे बनाया जाए, किस तरह से व्यवस्थित किया जाए ताकि बेल्ट या जैकेट इतना भारी ना हो जाए कि हमलावर को चलने में दिक्कत हो।'
पूर्व खुफिया प्रमुख ने कहा, 'और इस पर भी ध्यान देना होता है कि वह (जैकेट) दुर्घटनावश पहले ही ना उड़ जाए।' एक दूसरे पूर्व अधिकारी ने कहा, 'इस तरह के विशेषज्ञ यहीं (यूरोप में) हैं जो आत्मघाती जैकेट बना सकते हैं और दूसरों को हमलों के लिए तैयार कर सकते है।’’ सेवानिवृत्त खुफिया प्रमुख ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है।
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