एपस्टीन फाइलों के लाखों पन्ने दुनिया के सामने आए हैं और उससे जो खुलासे हुए हैं, उसने हड़कंप मचा दिया है. अमेरिका के कुख्यात नाबालिग लड़कियों के यौन तस्कर जेफरी एपस्टीन के मामले में एक से बड़ी एक हस्तियों के चेहरे से नकाब हट रहे हैं. एपस्टीन विवाद की आंच ब्रिटेन की सत्ता के गलियारों तक पहुंच गई है. खुद प्रधान मंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी पर खतरा दिखने लगा है. पता चला है कि स्टार्मर ने लेबर पार्टी के अपने सहयोगी पीटर मैंडेलसन को अमेरिका का राजदूत बनाया था और यह जानने के बावजूद उन्होंने ऐसा किया था कि मैंडेलसन का जेफरी एपस्टीन के साथ संबंध हैं. कोई व्यक्तिगत गलती न होने के बावजूद, स्टार्मर के नेतृत्व पर अब सवाल उठाया गया है, कई लेबर सांसदों ने उनसे पद छोड़ने की मांग की है.
ऐसे में बढ़ते दबाव के बीच, प्रधानमंत्री के चीफ ऑफ स्टाफ ने स्टार्मर को मैंडेल्सन को नियुक्त करने की सलाह देने का दोष खुद लेते हुए पद छोड़ दिया है. लेकिन कई लोगों का मानना है कि लेबर पार्टी के लीडर को पद पर बनाए रखने के लिए यह पर्याप्त नहीं है. एक तरफ तो प्रधान मंत्री अपनी पार्टी के सदस्यों को उनका समर्थन करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद का नाम संभावित उत्तराधिकारी के रूप में सामने आया है. अगर ऐसा होता है तो ब्रिटेन को अपने इतिहास में अपना पहला मुस्लिम प्रधान मंत्री मिल सकता है.
कौन हैं शबाना महमूद?
शबाना महमूद अभी यूके में गृह मंत्री है और इस पद पर आना भी ऐतिहासिक था. इसकी वजह है कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से ताल्लुक रखने वाली पहली मुस्लिम महिला हैं जिन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है. अभी उनके हाथों में इमिग्रेशन (आव्रजन), पुलिस व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी है. उनके माता-पिता, जुबैदा और महमूद अहमद, पाकिस्तान के कब्जे वाले मीरपुर क्षेत्र से थे.
शबाना महमूद ने वर्ष 2002 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के लिंकन कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. स्कॉलरशिप प्राप्त करने के बाद उन्होंने 2003 में इन्स ऑफ कोर्ट स्कूल ऑफ लॉ से बार वोकेशनल कोर्स किया. एक बैरिस्टर के रूप में उनकी विशेषज्ञता प्रोफेशनल इंडेम्निटी (पेशेवर क्षतिपूर्ति) से जुड़े मामलों में रही. बाद में उन्होंने भी अपने पिता की तरह राजनीति का रास्ता चुना. साल 2010 में यास्मीन कुरेशी और रुशनारा अली के साथ चुने जाने पर शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली महिला मुस्लिम सांसदों में शामिल हुईं. ब्रिटिश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, शबाना महमूद 5 जुलाई 2024 से 5 सितंबर 2025 तक लॉर्ड चांसलर और न्याय राज्य सचिव के पद पर रहीं, यानी उन्होंने न्याय मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. जुलाई 2024 में वह बर्मिंघम लेडीवुड निर्वाचन क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुई थीं.
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