अमेरिका के कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल ब्लैंच ने बड़ा दावा किया है कि यूएसएस एजेंट की जैकेट पर लगी गोली संभवतः हमलावर की ही थी, न कि गोलीबारी में किसी एजेंट की गोली लगी है. संदिग्ध ने ट्रेन से लॉस एंजिल्स से शिकागो और फिर वाशिंगटन डीसी की यात्रा की और वाशिंगटन हिल्टन होटल में उसकी सुरक्षा जांच भी हुई थी. अब अगर उनके दावे को सही माने तो आखिर हथियार के साथ वो कहीं पकड़ा क्यों नहीं गया?
Acting AG Blanche: The bullet that hit the USSS agent's vest likely came from the shooter, not crossfire. The suspect traveled by train from L.A. to Chicago to D.C. and checked into the Washington Hilton.
— Open Source Intel (@Osint613) April 26, 2026
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अमेरिका में कुल 18 खुफिया एजेंसियां हैं. इन्हें मिलाकर U.S. Intelligence Community (IC) कहते हैं. इसको हेड Director of National Intelligence (DNI) करता है. इन सभी पर अमेरिका हर 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च करता है. 1 लाख से ज्यादा कर्मचारी इनमें काम करते हैं. फिर भी उसके राष्ट्रपति पर हमला हो जाता है. पहले जान लीजिए अमेरिका की सभी खुफिया एजेंसियों के नाम और काम...
- CIA - Central Intelligence Agencyविदेश में जासूसी, कोवर्ट ऑपरेशन. अमेरिका के अंदर काम नहीं कर सकती
- NSA - National Security Agencyसिग्नल इंटेलिजेंस. फोन, इंटरनेट, कोड तोड़ना. दुनिया का सबसे बड़ा हैकिंग नेटवर्क
- FBI - Federal Bureau of Investigationघरेलू खुफिया + कानून. आतंकवाद, जासूसी केस, साइबर क्राइम
- DIA - Defense Intelligence Agencyमिलिट्री इंटेलिजेंस. पेंटागन के लिए विदेशी सेनाओं की जानकारी
- NGA - National Geospatial-Intelligence Agencyसैटेलाइट इमेज, मैप, टारगेट लोकेशन
- NRO - National Reconnaissance Officeजासूसी सैटेलाइट बनाता और चलाता है
- INR - Bureau of Intelligence and Researchविदेश मंत्रालय की खुफिया ब्रांच
- DHS Office of Intelligence होमलैंड सिक्योरिटी. बॉर्डर, इमिग्रेशन, घरेलू खतरे
- बाकी 10 एजेंसियां: आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, मरीन कॉर्प्स, कोस्ट गार्ड, एनर्जी डिपार्टमेंट, ट्रेजरी, DEA, Space Force इंटेलिजेंस हैं.
कौन करता है अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी U.S. Secret Service के ऊपर रहती है. 2003 से U.S. Secret Service को DHS - Department of Homeland Security के अंडर लाया गया. पहले ये ट्रेजरी के अंडर में थी. इनका मुख्य काम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, उनके परिवार, पूर्व राष्ट्रपति, विदेशी मेहमानों की रक्षा करना और नकली नोट, फाइनेंशियल फ्रॉड, साइबर क्राइम की जांच करना होता है. राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाली टीम को Presidential Protective Division (PPD) कहा जाता है. राष्ट्रपति के आसपास काले सूट वाले एजेंट यही होते हैं. इसमें 3200 से ज्यादा स्पेशल एजेंट और यूनिफॉर्म डिवीजन के लोग, स्नाइपर्स, K-9, काउंटर असॉल्ट टीम रहती है. यही नहीं इनकी मदद के लिए व्हाइट हाउस मिलिट्री ऑफिस, न्यूक्लियर फुटबॉल, Marine One हेलीकॉप्टर, DC पुलिस और पार्क पुलिस, मोटरकेड रूट और FBI के एजेंट भी मौजूद रहते हैं, जो खतरे की एडवांस इंटेलिजेंस में मदद करते हैं.
इतने तामझाम के बाद फिर क्यों हुआ हमला
अगर अमेरिका के कानूनों की बात करें तो वहां ट्रेन में हथियार ले जाने पर पाबंदी नहीं है. बस लोड करके हथियारों को नहीं ले जा सकते. अगर इस बात को मान भी लें तो क्या अमेरिका के सीक्रेट एजेंट इतने लापरवाह हैं कि वहां कोई सीधे उनके राष्ट्रपति तक हथियार लेकर पहुंच जाता है और फिर भी उन्हें पता तक नहीं चला? ये साफ तौर पर चूक है. दुनिया भर में अपना लोहा मनवाने वाली अमेरिकी खुफिया एजेंसियों से चूक पहली बार नहीं हुई है. ट्रंप पर ही ये तीसरा हमला है. 4 राष्ट्रपतियों की जान जा चुकी है. ट्रंप के अलावा दो अन्य राष्ट्रपति हमले में बाल-बाल बचे हैं. ऐसा भी नहीं है कि अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा कमजोर है. 9/11 के बाद सुरक्षा इतनी बढ़ गई है कि अमेरिका में परिंदा भी बगैर इजाजत नहीं घुस सकता. फिर भी इस तरह की घटना बताती है कि कहीं ना कहीं अंदरुनी कोई तो मिलीभगत है.
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