Who is Sri Lanka's Rumesh Tharanga Pathirage : श्रीलंका के स्टार जेवलिन थ्रोअर रुमेश थरंगा पथिरगे ने वांडा डायमंड लीग की प्रतिष्ठित गोल्डन गाला पिएत्रो मेनेया प्रतियोगिता में इतिहास रच दिया है.उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 92.62 मीटर दूर भाला फेंका और नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. पथिरगे ने अपने पहले ही प्रयास में 84.49 मीटर का थ्रो किया, जो जीत के लिए काफी माना जा रहा था.हालांकि, इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 90 मीटर की दूरी को भी पार कर दिया. इसी थ्रो के साथ ही वह साल 2026 सीजन में 90 मीटर या उससे अधिक दूरी का थ्रो फेंकने वाले पहले एथलीट बने. रुमेश ने 92.62 मीटर का थ्रो फेंकते हुए 20 साल से कायम एंड्रियास थोरकिल्डसन के 90.34 मीटर के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया. इस ऐतिहासिक थ्रो के साथ वह दुनिया की ऑल-टाइम लिस्ट में आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं, इसके अलावा वह दूसरा सबसे बेस्ट थ्रो करने वाले एशियाई खिलाड़ी भी बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में भारत के एथलीट नीरज चोपड़ा को भी पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने 90.23 मीटर का थ्रो फेंका था.
कौन है रुमेश पथिराजे, क्रिकेटर से बने जेवलिन थ्रोअर, 134 किमी/घंटा की रफ्तार के साथ करते थे गेंदबाजी
रुमेश पथिराजे का सफ़र क्रिकेट से शुरू हुआ और अपने शुरुआती समय में रुमेश 130 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे और एक बार U18 कैटेगरी में उन्होंने स्पीड गन पर 134 किमी/घंटा की रफ्तार भी दर्ज की थी. वह ईशान मलिंगा से पीछे दूसरे स्थान पर रहे, जो श्रीलंका और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हैं. बाद में जूनियर कॉलेज में उन्होंने एथलेटिक्स की ओर रुख किया. उन्होंने डिस्कस थ्रो से शुरुआत की,उनके पिता भी डिस्कस और शॉट-पुट थ्रोअर थे और उन्होंने ही उन्हें एथलेटिक्स अपनाने के लिए प्रेरित किया था. .जल्द ही, कॉलेज में उन्होंने जैवलिन थ्रो अपना लिया और तब से वे एक चैंपियन एथलीट बन गए हैं. साल 2025 में, रुमेश श्रीलंका के नेशनल चैंपियन बने और एशियन थ्रोइंग चैंपियनशिप में अपना खिताब भी बरकरार रखा. बाद में वे ट्रेनिंग के लिए ऑस्ट्रेलिया गए, जहां उन्होंने हर बार अपने थ्रो में सुधार किया. लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने श्रीलंका के पिछले सबसे अच्छे थ्रोअर सुमेधा रानासिंघे को भी पीछे छोड़ दिया.
2025 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में, 23 साल के रुमेश पुरुषों के जैवलिन इवेंट के फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाले पहले श्रीलंकाई एथलीट बने. फरवरी 2026 में, उन्होंने पर्थ ट्रैक क्लासिक में 83.07 मीटर के थ्रो के साथ अपना खिताब बरकरार रखा।. इसके बाद, चैंपियंस ट्रैक एंड फील्ड मीट में 89.37 मीटर का थ्रो करके भविष्य के लिए बड़ी उम्मीद जगा दी.
2026 एशियाई खेलों में जैवलिन थ्रोअर का होगा दिलचस्प मुकाबला
रुमेश के आगे बढ़ने के साथ अब 2026 एशियाई खेलों में जैवलिन थ्रोअर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. 2026 एशियाई खेलों में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम जैसे खिलाड़ी शामिल होंगे. ऐसे में अब तीनों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा. दरअसल, अपने थ्रो में निरंतरता रुमेश के पूरे करियर की पहचान बन गई है. श्रीलंका के इस प्रतिभाशाली एथलिट ने लगातार 82 मीटर का आंकड़ा पार किया है. सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि साल 2025 सीजन में उन्होंने 13 बार 82 मीटर का आंकड़ा पार किया था.
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