- अमेरिका के हमले के बाद ईरान का पलटवार, कुवैत में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया
- कुवैत ने कहा है कि उसे मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा है
- ईरान का दावा- कुवैत के इसी अमेरिकी बेस से दक्षिणी ईरान (खासकर बंदर अब्बास) में हमला किया जा रहा था
US Iran War Updates: अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी हमला कर दिया है. ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया है और दावा किया है कि यहीं से अमेरिकी सेना बंदर अब्बास में हमला कर रही थी. इससे पहले कुवैत ने कहा कि उसे गुरुवार को मिसाइल और ड्रोन हमले का सामना करना पड़ा. वहां एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गए और सायरन बज उठे.
दरअसल अमेरिका ने पिछले 3 दिनों में 2 बार दक्षिणी ईरान पर हमले किए हैं और खासकर बंदर अब्बास को निशाना बनाया है. अमेरिका का दावा है कि उसने यह हमले सेल्फ डिफेंस यानी आत्मरक्षा में किए हैं. जबकि ईरान का कहना है कि अमेरिका ने हमला करके पहले से ही नाजुक सीजफायर को चुनौती दी है.
ईरान की तरफ से रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने संभाली कमान
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने बताया कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने देश के दक्षिणी हिस्से में हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में गुरुवार को एक अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया. आईआरआईबी के अनुसार, IRGC ने कहा, "आज सुबह बंदर अब्बास हवाई अड्डे के बाहरी इलाके में एक स्थान पर हमलावर अमेरिकी सेना द्वारा एरियल प्रोजेक्टाइल (मिसाइल) का उपयोग करके की गई आक्रामकता के बाद उस अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया, जहां से हमला किया जा रहा था. यह कार्रवाई सुबह 4:50 बजे (स्थानीय समयानुसार) किया गया."
अमेरिका ईरान शांति वार्ता कहां तक पहुंची?
इससे पहले बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह मध्यावधि चुनावों के राजनीतिक दबाव की वजह से ईरान के साथ किसी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चल रही बातचीत से अमेरिका के मुताबिक सही समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ठीक इसी चेतावनी के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में हमला कर दिया (तीन दिन में दूसरी बार).
इससे पहले बुधवार को व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की उस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताया, जिसमें एक ड्राफ्ट समझौते का जिक्र किया गया था. उस रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिका ईरान के पास वाले इलाकों से अपनी सेना हटाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैना की नाकेबंदी खत्म करेगा. अमेरिका ने कहा कि यह सरासर झूठ है. कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने यह भी साफ किया कि ईरान को अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का भंडार छोड़ने के बदले किसी तरह की प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी.
यह भी पढ़ें: अमेरिका पर ईरान का जवाबी हमला, कुवैत में अमेरिकी एयरबेस को बनाया निशाना
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं