- अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ने कहा कि रूस का सैन्य अंतरिक्ष यान पश्चिमी सैटेलाइट के करीब हमले का अभ्यास कर रहा था
- रूस के कॉसमॉस 2612 सैटेलाइट ने फिनलैंड की कंपनी ICEYE के X36 सैटेलाइट के बेहद करीब पहुंचा
- रूस के रक्षा मंत्रालय ने पश्चिमी कमर्शियल सैटेलाइटों को वैध लक्ष्य बताकर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है
अब तक कई देश जमीन पर युद्ध लड़ रहे हैं, और ज्यादा से ज्यादा फाइटर जेट और ड्रोन तक पहुंचे हैं. मगर रूस गुपचुप तरीके से अंतरिक्ष में सैन्य अभ्यास कर रहा है. ऐसा खुद अमेरिका के अंडर सेक्रेटरी का दावा है. इस दावे के बाद अमेरिका से लेकर जर्मनी और ब्रिटेन तक की चिंता बढ़ गई है. इससे पहले अमेरिका ने माना था कि उसकी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सैटेलाइट्स तक रूस की पहुंच है.
क्या चेतावनी दी
अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट थॉमस डिनानो ने कहा है कि पिछले महीने एक पश्चिमी सैटेलाइट के करीब पहुंचा रूसी सैन्य अंतरिक्ष यान, संभवतः किसी हमले का अभ्यास कर रहा था. रूस से जुड़े दो अंतरिक्ष यान अब एक अन्य पश्चिमी सैटेलाइट की ओर बढ़ रहे हैं. अक्टूबर के मध्य में हुई इस घटना के बाद, डिनानो ने 'एक्स' (X) पर कहा कि रूस का 'कॉसमॉस 2612' सैन्य सैटेलाइट 'जानबूझकर एक कमर्शियल सैटेलाइट के खतरनाक रूप से करीब' आ गया था. उन्होंने कहा कि यह हरकत 'अंतरिक्ष में हथियारों के इस्तेमाल' जैसी गतिविधियों से मेल खाती है.
कौन से सैटेलाइट के करीब पहुंचा
X36 नाम का यह सैटेलाइट फिनलैंड की कंपनी ICEYE द्वारा संचालित किया जाता है. यह यूक्रेन सहित पश्चिमी देशों की सरकारों और सेनाओं को रडार से ली गई तस्वीरें (इमेजरी) उपलब्ध कराता है. यह घटना तब सामने आई है, जब पिछले महीने अमेरिकी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी लियोलैब्स ने बताया कि रूस का 'कॉसमॉस 2612' सैटेलाइट, दक्षिण अमेरिका के ऊपर यूक्रेन से जुड़े ICEYE के X36 सैटेलाइट के 'बेहद करीब' आ गया था.
रूस ने क्या संदेश दिया
अंतरिक्ष मामलों के तीन विशेषज्ञों ने इस घटना को, कम ऊंचाई वाली कक्षा (लो एल्टीट्यूड ऑर्बिट) में किसी रूसी सैन्य अंतरिक्ष यान के किसी कमर्शियल सैटेलाइट के सबसे करीब पहुंचने के मामलों में से एक बताया है. अमेरिकी कंपनी 'इंटीग्रिटी ISR' (जो अमेरिकी अंतरिक्ष बलों को प्रशिक्षण देती है) के वरिष्ठ अंतरिक्ष विश्लेषक ग्रेग गिलिंगर ने कहा कि यह घटना 'हमले के रिहर्सल जैसी लगती है'. उन्होंने बताया, "किसी दूसरे देश के सैटेलाइट को धमकाने के मामले में, रूस का यह अब तक का सबसे आक्रामक रुख है."
कॉसमॉस 2612 के बारे में जानिए
अमेरिकी अंतरिक्ष खुफिया फर्म स्लिंगशॉट एयरोस्पेस के अनुसार, कॉसमॉस 2612 को सार्वजनिक रूप से एक सर्विसिंग निरीक्षण सैटेलाइट के रूप में वर्गीकृत किया गया है. यह उन छह सैन्य सैटेलाइटों में से एक है जिन्हें रूस ने अप्रैल में लॉन्च किया था. अंतरिक्ष विश्लेषकों का कहना है कि मई में रूस ने अपने चार सैटेलाइटों को X36 के करीब तैनात किया था. इसके बाद ICEYE ने अपने सैटेलाइट को स्थानांतरित किया, जिससे रूस को और भी सैन्य अभ्यास करने पड़े, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राफेल मोद्रज़ेव्स्की ने सितंबर में रॉयटर्स को बताया.
अंतरिक्ष विश्लेषकों के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत में कॉसमॉस 2612 ने खुद को X36 से सैकड़ों किलोमीटर पीछे स्थापित कर लिया.
इसके बाद इसने कुछ ही दिनों में तेजी से दूरी कम कर ली और अक्टूबर के मध्य तक X36 से लगभग एक किलोमीटर (आधा मील) की दूरी पर आ गया. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि यह कुछ सौ मीटर या उससे भी कम दूरी पर था. गिलिंगर ने बताया कि इसके बाद कॉसमॉस 2612 लगभग 400 किमी (250 मील) दूर चला गया. उन्होंने कहा कि रूस के दो सैटेलाइट (जो आपस में जुड़े हुए हैं) अब एक अन्य ICEYE अंतरिक्ष यान, X37, के कक्षीय पथ (ऑर्बिटल पाथ) की ओर बढ़ रहे हैं.
जर्मनी-अमेरिका-ब्रिटेन का रुख
जर्मनी के अंतरिक्ष कमांडर, मेजर जनरल माइकल ट्राउट ने कहा कि कॉसमॉस 2612 की तरह किसी अन्य यान के बहुत करीब पहुंचने का इस्तेमाल निरीक्षण, निगरानी या बाधा डालने के लिए किया जा सकता है, जो उस अंतरिक्ष यान की तकनीकी क्षमताओं पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा, "इसलिए, हमें इसके संभावित प्रभावों के पूरे दायरे पर विचार करना चाहिए - जिसमें किसी सैटेलाइट के कामकाज में अस्थायी रूप से बाधा डालने से लेकर उसे स्थायी रूप से निष्क्रिय कर देना तक शामिल हो सकता है."
उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियां करने की क्षमता अपने आप में इस बात का सबूत नहीं है कि रूस किसी हमले की तैयारी या अभ्यास कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कक्षीय डेटा (ऑर्बिटल डेटा) के आधार पर इसके उद्देश्य का पता नहीं लगाया जा सकता है.
प्रमुख शक्तियां इस संभावना के लिए तैयारी कर रही हैं कि भविष्य में संघर्ष अंतरिक्ष तक फैल सकता है. वाशिंगटन ने हाल ही में स्वीकार किया है कि उसने कक्षा में हथियार तैनात किए हैं. वहीं, इस साल की शुरुआत में अमेरिकी अंतरिक्ष कमान के प्रमुख ने कहा था कि रूस ने अमेरिका के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा सैटेलाइटों की पहुंच के भीतर एक अंतरिक्ष हथियार तैनात किया है. स्पेस कंसल्टेंट और ब्रिटिश वायु सेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी एंड्रयू टर्नर ने कहा कि X36 के प्रति रूस का रवैया, चाहे जानबूझकर हो या अनजाने में, किसी हमले की संभावना को 'वास्तव में बढ़ा देता है'.
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