- डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान में 'पिकएक्स माउंटेन' को नष्ट कर देगा, ईरान इसे मजबूत करने में लगा है
- जानकारों का मानना है कि अमेरिका के सबसे ताकतवर 'बंकर बस्टर बम' भी इन तक नहीं पहुंच सकते
- नतांज परमाणु केंद्र से केवल 2 किमी दूर 'पिकएक्स माउंटेन' स्थित है और इसे एक बेहद सुरक्षित जगह माना जाता है
अमेरिका एक बार फिर ईरान के परमाणु ठिकाने पर हमले की तैयारी में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका ईरान में 'पिकएक्स माउंटेन' को नष्ट कर देगा. इसी परमाणु ठिकाने को लेकर अभी खबर आई थी कि ईरान इसके पास एक भूमिगत परिसर (अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स) को मजबूत कर रहा है. अमेरिका से जंग के बीच सामने आईं सैटेलाइट तस्वीरों से इसका खुलासा हुआ था. अब ट्रंप इसी पर हमले की तैयारी में हैं. ट्रंप ने 'ह्यू हेविट शो' में एक इंटरव्यू के दौरान साफ-साफ कहा कि हम 'पिकएक्स माउंटेन' को खत्म करने जा रहे हैं. ईरानियों से कह दीजिए कि वे तैयार रहें.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम (पिकएक्स माउंटेन) पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. हमें वहां कोई गतिविधि नहीं दिख रही है. उनका न्यूक्लियर प्रोग्राम ठीक से नहीं चल रहा है. जब भी हमें इसके बारे में पता चलता है, हम उसे उड़ा देते हैं. इसलिए वे इस बारे में बात करना पसंद नहीं करते. लेकिन हम शायद जल्द ही 'पिकएक्स' पर हमला करेंगे."
याद रहे कि अमेरिका ने 22 जून 2025 को 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर'के तहत ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों- फोर्दो यूरेनियम संवर्धन संयंत्र, नतांज परमाणु केंद्र और इस्फहान परमाणु प्रौद्योगिकी केंद्र पर हवाई हमले किए थे. बुरी तरह तबाह हो चुके नतांज परमाणु केंद्र से केवल 2 किमी दूर यह 'पिकएक्स माउंटेन' स्थित है और इसे एक बेहद सुरक्षित जगह माना जाता है. यहां जमीन के बहुत नीचे दो टनल कॉम्प्लेक्स बने हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार जानकारों का मानना है कि अमेरिका के सबसे ताकतवर 'बंकर बस्टर बम' भी इन तक नहीं पहुंच सकते.
यहां ईरान क्या कर रहा है? सैटेलाइट तस्वीरों ने खोला राज
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के थिंक टैंक 'इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी' (ISIS) ने सबसे पहले इन तस्वीरों का एनालिसिस किया. तस्वीरों में दिखा की ईरान 'माउंट कोलांग गज ला' (इसे ही पिकएक्स माउंटेन कहा जाता है) पर सुरंग के एंट्री-पॉइंट्स को मजबूत कर रहा है.

वैंटोर की ओर से जारी इस सैटेलाइट तस्वीर में 21 जून, 2026 को पिकएक्स माउंटेन टनल कॉम्प्लेक्स के पश्चिमी एंट्री-पॉइंट्स पर गाड़ियां दिख रही हैं. (फोटो- एएफपी)
ISIS और UK की इंटेलिजेंस एनालिसिस फर्म 'माईआर' (Maiar) के एनालिस्ट्स ने माना कि उस जगह पर कंक्रीट डालने के लिए इस्तेमाल होने वाला बूम पंप देखा जा सकता है. सुरंग के एक और एंट्री-पॉइंट पर चट्टान और मिट्टी को हटाकर जमीन को समतल किया गया है. पास ही कंक्रीट से बना एक नया मजबूत स्ट्रक्चर भी है. ISIS के जानकारों का मानना है कि इन बदलावों का मकसद सुरंग के एंट्री-पॉइंट्स को मजबूत करना और संभावित हवाई हमले से अतिरिक्त सुरक्षा देना है.
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